एक फैसला – संगीता अग्रवाल

दिवाकर जी अपने घर के बरामदे मे बैठे वहाँ लगे आम के पेड़ो को देख रहे थे उनकी आँखे भरी हुई थी । एक अटूट रिश्ता था इस पेड़ो से और अब दोनो बेटे और एक बेटी घर का बंटवारा चाहते थे और ये पेड़ उस बंटवारे मे रोड़ा बन रहे थे तो तीनो बच्चे … Read more

 अब मत आना मॉम… माँ  – रवींद्रकांत त्यागी

चार साल की उम्र की बहुत सी बातें अब मस्तिष्क से धूमिल हो गई हैं किन्तु वो पल हमेशा याद रहा जब मेहमानों के छोटे से समूह के सामने मुझ छोटे से बालक को अजीब से असमंजस में ड़ाल दिया गया था। बारह सितंबर की सुहानी शाम थी। मीठी मीठी पुरवायी चल रही थी। पिताजी … Read more

अनोखा रिश्ता  – डॉ पुष्पा सक्सेना 

मोहन को अपने बाबा से बहुत प्यार है। घर में असके माता-पिता भी हैं, पर मोहन को अपने बाबा के साथ रहना अच्छा लगता है। बाबा मोहन को कहानियाँ सुनाते हैं, उसके साथ गाँव घूमने जाते हैं और कभी भूले से भी उसे डांटते नहीं। आज बाबा अपने पोते मोहन के लिए टोकरा भर आम … Read more

हम – कंचन श्रीवास्तव

शादी के दूसरे दिन से ही रेखा को उसके हिस्से का काम सौंप दिया गया,यह कहकर कि अब तक बहुत हमने किया ,अब तुम्हारी बारी है।सो इसने बिना किसी ना नुकुर  के हां में सर हिला दिया। और लग गई अपने काम में ,सुबह से शाम और शाम से रात यानि ये कह लो कि … Read more

सास की बिमारी बहाना लगती है – सविता गोयल

” कहां रहती है रंजना आजकल!! कभी मिलती ही नहीं हो । ,, रंजना की सहेली मंजू ने सब्जियां लेते हुए रंजना से पूछा । रंजना भी जैसे उसके पूछने का हीं इंतजार कर रही थी , ” पूछ मत मंजू , सारा दिन इस घर में काम करने में ही निकल जाता है। ऊपर … Read more

मायके की खुशबु – नीलिमा सिंघल 

ट्रेन पटरी पर अनवरत भाग रही थी, और साथ ही भाग रही थी सुमन की सोच। खिड़की से बाहर देखते हुए याद आ रही थी माँ की। पिछले साल जब वो इसी तरह गर्मी की छुट्टियों मे मायके जा रही थी बच्चो के साथ तो क्या उत्साह और उमंग थी। कितनी तैयारी…साल की सबसे लम्बी … Read more

चूक –  मुकुन्द लाल

प्रोफेसर राजेश्वर को शाम में युनिवर्सिटी से लौटकर घर पहुंँचने के बाद उसकी पत्नी तापसी तुरंत चाय-नास्ता बनाने के लिए किचन में चली गई।   प्रोफेसर साहब के बैठने के  कुछ मिनटों के पश्चात ही उनका मोबाईल बजने लगा।  ” हैलो!… कौन?… कहांँ से बोल रहे हैं आप?…”   “प्रणाम सर!… आपने नहीं पहचाना!… मैं आपका शिष्य … Read more

एक पिता की जिम्मेदारी – रोनिता कुंडू

सुनिए आपकी पत्नी की काफी नाजुक Pregnancy हैं… पिछले दो मिसकैरेज की वजह से, इनका शरीर काफी कमजोर हो गया है… इसलिए इस बार इन्हें पूरा बेड रेस्ट करना होगा… डॉक्टर ने विपुल को उसकी पत्नी चारू के बारे में कहा… फिर दोनों घर आ जाते हैं… विपुल: तुम घबराओ मत..! चारू..! मैं सब मैनेज … Read more

एक जिम्मेदार बालिका। – सुषमा यादव

जब मैं छिंदवाड़ा में शिक्षिका थी,उस समय मेरी बड़ी बेटी पांच साल की और छोटी बेटी दो माह की थी,हम दोनों की नौकरी और दो छोटे बच्चे, बड़ा मुश्किल हो रहा था।, कुछ दिनों तक पड़ोसियों ने देखभाल की,पर कब तक हम उन्हें परेशान करते,हम बहुत परेशान हो रहे थे, हमारे पड़ोस में एक मद्रासी … Read more

सेतु – कमलेश राणा

रोहित की बड़ी हसरत थी कि वह इंजीनियर बने उसके परिवार में वह पहला इंजीनियर बनने वाला था। पढ़ाई पूरी होते ही एक टेलिकॉम कंपनी में जॉब मिल गई सारे परिवार में खुशी का माहौल था।  दो साल बड़े अच्छे से निकल गये तभी कोरोना ने पांव पसारने शुरु कर दिये। कमाई से अधिक जीवन … Read more

error: Content is protected !!