बेटी – डा उर्मिला सिन्हा

 मैं गर्भवती हूं तीसरी बार।सारा शरीर आलस्य एवं एक अनजान आशंका से सुस्त सा है। मैं उत्साहित न सही पर तीसरे बच्चे के लिए मानसिक रूप से तैयार तो हो ही गई हूं।सच,मां बनना भी अपने आप में एक अनोखा अनुभव है। पहले से दो बेटियां हैं रिद्धि और सिद्धि। रिद्धि की उम्र सात और … Read more

बड़ी बेटी – मुकुन्द लाल

  हिमानी ने देखा, “बैंड-बाजों की मनमोहक संगीत की धुन पर थिरकती बारात आ रही है। सुसज्जित गाड़ी में राजकुमार जैसा खूबसूरत दूल्हा सिर पर चमकीला सेहरा बांधे बैठा हुआ है। सागर की उठती-गिरती तरंगों पर मचलती नौका की तरह, हर्ष व धूम-धड़ाके से परिपूर्ण वातावरण में दूल्हा की सजी हुई गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही … Read more

मुझे माफ कर देना – पूनम अरोड़ा

गाँव  के मंदिर  के पास वाले बरगद के पेड़ के नीचे आकर एक भगवावस्त्र धारी बाबा और साथ में  लाल बार्डर वाली सफेद साड़ी में  शायद  उनकी अर्धागिनी  थी , ने आ के डेरा जमा लिया था । साथ में  महिला है यह सोचकर वहाँ  के मंदिर के संस्थापक ने उन्हें  मंदिर के अहाते में  … Read more

अब हुआ ना हिसाब बराबर – सविता गोयल

” अरे बोला ना साॅरी ….. अब क्यों बेफालतू में बात को बढ़ा रही हो ?? चलो…. अपना हुलिया थोड़ा ठीक करो और बाहर चलो। सब वेट कर रहे हैं । ,,   थोड़ी देर पहले ही अजय ने सबके सामने रूपाली को  थप्पड़ मारा था । कारण ये था कि आज अजय और रूपाली की … Read more

कोई बुरा पैदा नहीं होता –  रोनिता कुंडू

बहु..! मेरे कमरे के मेज पर 4 साड़ियां रखी हुई है… ज़रा वह ले आना.. कमला जी ने अपनी बहू प्रीति को आवाज लगाई… प्रीति के साड़ी लाने के बाद… कमला जी: यह ले मीना…! यह साड़ियां तेरे लिए ही निकाल कर रखी थी कब से… मीना खुश होकर: शुक्रिया दीदी..! बस तुम लोगन का … Read more

जिम्मेदारी – ज्योति अप्रतिम

आज माँ घोंसला छोड़ कर सदा के लिए उड़ गई। आँसू रुक नहीं रहे थे और जिंदगी भर का चलचित्र दिलो दिमाग में घूम रहा था। छह बच्चे ! दो वर्ष से चौदह वर्ष तक के । और घर ! घर के नाम पर एक कम चौड़ा लेकिन लम्बा सा कच्चा कमरा जिसे हर थोड़े … Read more

दिल होना चाहिए जवान – डॉ. पारुल अग्रवाल

आज अमन और श्रेया की शादी की बीसवीं वर्षगांठ थी। दो दशक का ये समय दोनों ने सफलतापूर्वक पूर्ण किया था। खुशी और गम एक दूसरे के साथ बांटे थे। अमन और श्रेया दोनों को ही ऐसा लगता था कि वर्षगांठ जैसे ये अवसर किसी की भी ज़िंदगी में काफ़ी निजी होते हैं इसलिए वो … Read more

बेटियां बोझ नहीं होती – माता प्रसाद दुबे

गायत्री देवी खुशी से झूम रही थी।अपने पोते के जन्म लेने का समाचार सुनकर,उसकी दिली ख्वाहिश दशकों बाद पूरी हुई थी।उसकी छोटी बहू रचना ने बेटे को जन्म देकर  दुनिया की सारी खुशियां उसकी झोली में डाल दिया था।उसकी बड़ी बहू आरती जिसने उसे सिर्फ निराश किया था।दो बेटियों को जन्म देकर,वह बेटा न पैदा … Read more

जिद्द बेटा पाने की – मंजू तिवारी

हम दो-चार 10 दिनों में चीन को पीछे छोड़ कर नंबर वन पर आने वाले हैं उद्योग धंधे या विकास को लेकर नहीं जनसंख्या में,,, हम चीन को पछाड़ाने वाले हैं। और हो जाएंगे विश्व के जनसंख्या में सबसे आगे नंबर वन पर,,,,, कुछ समझदार वर्ग जनसंख्या कम रहे इसके लिए अपने व्यक्तिगत हितों को … Read more

पास रहकर झगड़े हो उससे अच्छा दूर दूर रहें  – रश्मि प्रकाश 

अक्सर तबादले के बाद राशि को नए लोगों से मिलने और उनके विचार जानने का मौक़ा मिलता रहता है… कभी पास में भरापुरा परिवार दिखता तो कहीं कुछ वैसे लोग दिखते जिनके बच्चे बाहर नौकरी कर अपने परिवार के साथ रहते और उनके पैरेंट्स अकेले घर या फ़्लैट में रहते…. राशि के बच्चे जब तक … Read more

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