अपनत्व की छांव – उमा वर्मा
आज वह खत्म हो गई ।कृष्णा ही नाम था उसका ।साँवली सलोनी ।देखने में ठीक ठाक ।एक ही बहन दो भाई ।बड़े भाई की शादी हो चुकी थी ।छोटे की शादी होनी तय हुई ।कृष्णा के माता-पिता ने शर्त रख दिया कि आप भी अपना बेटा देंगे तभी बात बन सकती है ।बात बन गई … Read more