बोनस – दीपा माथुर

पिताजी के गुजरने के बाद घर की स्थिति खराब ही चल रही थी। तभी तो शिवि ने पढ़ाई छोड़ प्राइवेट नौकरी शुरू कर दी। मकान की किश्त ,छोटे भाई की स्कूल ,और दाल रोटी को व्यवस्था इतना आसान नहीं था। साइंस से 91 प्रतिशत लाने वाली पापा की परी शिवि का सपना डॉक्टर बनने का … Read more

नियति की मोहर – रुचि पंत

अपने ग्राहक के दुपट्टे पर उन रंगबिरंगे फूलों के गुच्छों बीच पीले पराग की कढ़ाई करती चित्रा के घर के समीप से गुज़रती गाड़ी की तेज हॉर्न एकदम से सुन वो काँप उठी और अनायास नुकीली सुई उसके कोमल हाथों में चुभ गई। “ये रवि के आने का समय नहीं है।” अपने आपको संभालती वो … Read more

खुश रहने का हक तो उन्हे भी है ना ?

” हेलो जी मेरा नाम सिमरन है आप शायद इस क्लब मे पहली बार आये हो क्योकि आपको पहले नही देखा यहाँ ?” आहना रैकेट लिए खड़ी थी कि एक औरत उसके पास आकर बोली। ” जी हाँ असल मे हम अभी कुछ दिन पहले ही यहां शिफ्ट हुए है और आज क्लब मे पहला … Read more

नियति नही बदल सकते हालात तो बदल सकते है !!- अंजना ठाकुर

ये क्या कह रहा है बेटा अपने घर की इज्जत अब काम करने जायेगी लोग क्या कहेंगे की अपनी बेटी को खिला नही पा रहे तो उसको कमाने भेज दिया शायद हमारे घर की नियति ही यही है की बेटी का घर बसना नही लिखा पहले तेरी बहन जल्दी विधवा हो गई और मायके रह … Read more

रोशनी – Short Inspiring Story In Hindi

  ” साॅरी मिस्टर टंडन,आपकी बच्ची की आँखों के कुछ टिशुस अविकसित ही रह गयें जिसके कारण वह…”     ” वह क्या… डाॅक्टर साहब” प्रमोद डाॅक्टर साहब पर चीख पड़े।   ” वह कभी देख नहीं सकती..” कहकर डाॅक्टर अपने केबिन में चले गये और प्रमोद…, उनके तो जैसे पूरा शरीर ही सुन्न पड़ गया हो।अभी कुछ देर … Read more

शक्ति – Short Inspiring Story In Hindi

“वो देख आ रहा है साहिल हाय कितना हैंडसम है? “ क्लास में स्वाति की दोस्त पल्लवी ने उसके चयूंटि काटते हुआ बोला “हाँ तो आने दे कहाँ का राजकुमार है ? तू भी ज्यादा आयें मत भरा कर उसे देखकर “ तभी क्लास में सर की एंट्री हुयी और साहिल को जगह न मिलने … Read more

नियति के खेल, कोई नहीं जानता… – रोनिता कुंडु

अरे सुषमा..! पद्मिनी को नहीं बुलाया, बबलू के जन्मदिन की पार्टी में..? रमा जी ने अपनी बहू सुषमा से कहा…  पद्मिनी उन लोगों की पड़ोसी थी…  सुषमा:   मम्मी जी..! आप तो जानती है उनका… आ जाएंगे एक प्लास्टिक का गिफ्ट लेकर और खाना भरपेट खाकर चले जाएंगे… रमा जी:   सुषमा..! जिसकी जितनी औकात … Read more

नियति को तो बदला भी जा सकता है – सुषमा यादव

शालू अपने पति के साथ सरकारी दौरे पर गई थी।  वहां एक छोटे से कस्बे में उनके पहचान के एक अधिकारी मिल गये थे। उन्होंने अपने घर में उन्हें आमंत्रित किया।शालू ने देखा,उनकी सीधी सादी पत्नी बड़े ही चाव से सबको जलपान करवा रही थी। पति विनोद तो बहुत ही हैंडसम लग रहे थे,पर पत्नी … Read more

नियति का खेल – रश्मि सिंह

शिखा-मम्मी कल सुमन की शादी है, मेरे पास कोई ढंग के कपड़े नहीं है, आप तो जानती हो कितने बड़े घर की है वो तो थोड़ा ठीक ठाक बनकर जाऊँगी। उमा (शिखा की माँ)-जानती हूँ तुम दोनों बचपन की सहेलियाँ हो, उसने कभी अपनी अमीरी को तुम दोनों की दोस्ती के बीच नहीं आने दिया, … Read more

फूटा आक्रोश ,चूर हुआ मां का दंभ

“बेटा ,मैं जा रही हूं। जो भी जरूरत हो, आंटी से बोल देना। एक किस्सी दे दो.. ऊऽऽ….अहाऽऽ…. मैं चलती हूं बाय बेटा।”किस्सी ले प्रेमा हाथ हिलाती हुई कमरे से बाहर निकली।  “पारू  देखना मेरी बच्ची को कोई दिक्कत ना हो।” जी मालकिन , आप बिल्कुल चिंता ना करना।” कहती हुई पारू हल्की मुस्कान बिखेर … Read more

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