ऐसी किस्मत कहां

 माँजी, मत कटवाइए मेरे बाल, प्लीज माँ जी–मेरी क्या गलती है, शुभा रो रो कर कहे जा रही थी। दस दिन पहले ही उसके पति मयंक की एक दुर्घटना में मौत हो गई थी। तभी से ससुराल वाले उसे कलंकिनी,कुलटा,मनहूस न जाने क्या क्या कह कर संबोधित करने लगे थे। उन्हें ये नहीं समझ आ … Read more

हर घर महाभारत : Moral Story in Hindi

अरे बिना भाभी..! कविश की हल्दी में नहीं आई..?  दोपहर को बाजार में कांता ने अपनी पड़ोसी बिना से कहा…  बिना:   अरे हां.. मुझे तो काफी देर बाद याद आया, के तुमने कविश की हल्दी में बुलाया था… वह क्या है ना..? सुबह से इतने सारे काम थे, कि कुछ याद ही नहीं रहा… … Read more

 बंटवारा – डॉ उर्मिला सिन्हा  : Moral Story in Hindi

      मीतू बोझिल कदमों से सीढ़ियां चढ़ती गई । एक के बाद एक चौबीस सीढ़ियां। मीतू के बायें हाथ में तकिया ,चादर दाहिने हाथ में पानी का गिलास।छत पर पहुंच कर उसने चारों ओर देखा कल तक यह छत नाते-रिश्तेदारों से भरा हुआ था । इस भीषण गर्मी में सभी छत पर ही सोना चाहते थे। … Read more

मां की आह – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Story In Hindi

बाबूजी नौकरी में रहते ही,घर बनवा गए थे। फिजूलखर्ची ना करने वाले बाबूजी ने गांव में बंजर पड़ी काफी ज़मीन खरीद कर रखीं थीं।वैभव को पढ़ा-लिखा कर नौकरी भी लगवा दी और दोनों बेटियों की शादी भी करवाई थी संपन्न घरों में।उनकी मृत्यु के पश्चात अक्सर वैभव मां को ताना देता था”मां,तुमने बाबूजी को रोका … Read more

रिश्ते कुछ खोखले कुछ सच्चे : short moral story in hindi

  “अरे, सुनो!आज दीदी का फोन आया था। रविवार को दीदी और बच्चे सुबह वाली ट्रेन से आ रहे हैं। जरा कामवाली को साथ में लगाकर अच्छे से घर की साफ-सफाई करा लेना। तुम तो जानती ही हो कि दीदी को साफ-सफाई और व्यवस्थित घर कितना पसंद है। बच्चों से कह देना कि अपना कमरा अपनी … Read more

बंद मुट्ठी के खोखले रिश्ते… : saas bahu ki kahaniya

घर में लोगों का हुजूम उमड़ा पड़ा था जेठानी के मायके का पूरा परिवार इकट्ठा हो रखा था…सब आपस में बातें करने में मशगूल थे पर जिसका घर था वो आज उदास थी और रोये जा रही थी । राशि के आँसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। पति निकुंज और बच्चे सब चुप … Read more

स्नेह और विश्वास की सीमेंट : Short Story in Hindi

मम्मी जी ,पापा जी को सुबह सुबह चाय की प्याली पकड़ाते हुए छवि बोली ” मम्मी जी आज छोले भटूरे बना लूँ ?” मम्मी जी ने नाक भो सिकोड़ कर कहा ” अब हमारी उम्र तो चटखारे लेने की है नही।सिंपल सी घीया की सब्जी और रोटी बना लो।वैसे भी छोलेभटूरे में तेल बहुत खराब … Read more

 माडर्न बहू – short story in hindi

 आधुनिकता की चमक-दमक के मोह में इंसान जब खुद ही अपने पाँव में कुल्हाड़ी मार ले तो कोई क्या कर सकता है।राजेश्वरी जी ने भी ऐसा ही किया जब उनका भाई उनके बेटे निशांत के लिये सुंदर-सुशील लड़की सीमा का रिश्ता लेकर आया।             “दीदी, एक बार आप सीमा से मिल तो लीजिए, देखने में साधारण … Read more

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