गुलाबी सुबह – ऋतु गुप्ता  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: ओ प्रिया ,प्रिया ,प्रिया कितना इंतजार किया तुमने और मैंने इस दिन का, आया भी तो इतने शुभ दिन पर ,होली का त्यौहार है गुलाबी सुबह , गुलाबी मौसम और हम दोनो एक दूसरे के साथ इतने लंबे इंतजार के बाद… पलाश ने अपनी पत्नी की गोद में अपना सर रखे … Read more

समर्पण – पुष्पा पाण्डेय  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: जिन्दगी कब कैसा रंग दिखायेगी, कोई कह नहीं सकता है। बेटी की शादी और भागमभाग में सीढ़ियों से ऐसी गिरी सुशीला कि सदा के लिए ह्विलचेयर की मोहताज हो गयी। सुशीला अस्पताल में ही रही और बेटी ससुराल  बिदा हो गयी। कुल्हे का ऑपरेशन हुआ,लेकिन अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो … Read more

बीज संस्कार के – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: जुगल किशोर बस ऐसे ही दुनिया से चले गये।जीवन संघर्ष का परिणाम देखने से पहले ही।आज के समय मे 49-50वर्ष भी कोई उम्र होती है,पर ईश्वर इच्छा के आगे किसका वश चलता है।       कल दिन में जरूर अपने बड़े बेटे मोहन से दुकान पर बैठे बैठे बोल रहे थे,मोहन आज तबियत … Read more

* ठोकर खाकर सम्हलना * – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

 घीसू ऑंगन में डली चारपाई पर लेटा हुआ, आसमान की ओर देख रहा था। आज मौसम खुला हुआ था। घीसू ने सोचा आज खेतो में धान बौने कै लिए अच्छा मौसम है, सब अपने खेतो में धान बो रहै होंगे और वह चारपाई पर पड़ा है। दो दिन आने वाले  ज्वर ने उसकी कमर चौड़ा … Read more

गरल- संगीता त्रिपाठी  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: नया शहर, नया घर.. व्यवस्थित करते कब महीना भर बीत गया, पता नहीं चला। रसोई में काम करते अचानक निगाहें उन बर्तनो पर चली गई, जिनमें पड़ोसी आंटी… अभी तक नाम भी नहीं पता, खाना दे गई थी। सोचा बच्चों की फरमाइश पर इडली बना रही हूँ तो थोड़ा ज्यादा बना … Read more

समर्पण – अर्पणा कुमारी  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: समर्पण, यहीं तो किया है मैंने अपनी जिंदगी में! मैं श्रुति, आज भी वो दिन नहीं भूलती जब दीदी की आकस्मिक मौत ने हम सबको जीते जी मार दिया था। दीदी तो चली गई पर पीछे छोड़ गई नन्हीं से परछाई। लाड़ली परी तो हमेशा से ही मेरी जान थी, और … Read more

एक बार फिर (भाग 13) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : शेखर प्रिया को अपने साथ शॉपिंग पर ले जाता है। तभी प्रिया की दी का फोन आता है प्रिया फोन रिसीव करती है अब आगे- भाग-१३ हैलो दी दी क्या हुआ आप रो क्यों रहे हो??? शेखर ने गाड़ी रोक दी। प्रिया तेरे जीजा जी को हार्ट अटैक आया है। … Read more

एक बार फिर (भाग 12) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : प्रिया की फैमिली शेखर के यहां डिनर पर जाती है वहां शादी की डेट पक्की होती है। वापसी में वो सोचती है कि वो शेखर को अपने पास्ट के बारे में सब बता देगी अब आगे- उधेड़-बुन में रास्ता तय करते हुए उसका सिर भारी हो गया। जीजा जी ने … Read more

एक बार फिर (भाग 11) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : प्रिया और उसकी दी की फैमिली के लिए शेखर के घर से इन्विटेशन आता है। दी उसे कहती है कि ऑफिस से सीधे यहां आ जाओ। हमें शाम को उनके घर जाना है। वो सोचने लगी ये दी भी न बड़ी अजीब हैं बहुत शौक लग रहा है उनके घर … Read more

एक बार फिर (भाग 10 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : प्रिया और शेखर के घरवाले मिल कर उनका रिश्ता तय कर देते हैं। प्रिया अपनी दी से कहती है कि आपने उस बदतमीज इंसान से मेरा रिश्ता तय क्यों किया?? दी कहती है कि मुझे तो वो अच्छा लगा। प्रिया दी का मन रखने के लिए हां कर देती है। … Read more

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