सन्यासी कौन? – ऋतु गुप्ता : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : गुलमोहर और पारिजात के वृक्षों से छनकर आ रहा सूर्य का प्रकाश सीधे उमा के चेहरे को छू रहा था, सुरभित पवन के वेग के साथ साथ फूलों की महक भी उमा के हृदय में समा रही थी। कुछ एक फूल आते जाते लोगों के पांव तले अपने अस्तित्व को … Read more

असली फर्ज – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

    Moral stories in hindi : हरीश चंद मेरठ जिले के एक गांव में अपने चार बेटों के साथ ठाट के साथ रहते थे।यूँ तो हरीश जी की गिनती जमीदारो में होती थी,गांव के प्रधान भी वो रह चुके थे,पर उनकी आमदनी का श्रोत केवल कृषि का ही था। हरीश जी दूर की सोचते थे,प्रधानी के … Read more

मेरी रत्ना बुआ – उमा वर्मा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : पापा का फोन आया था ।बताया रत्ना बुआ नहीं रही।दो दिन पहले ही आई थी ।बहुत बीमार रहने लगी थी तो ससुराल वालों ने कहा “” आकर ले जाएँ ” , हमसे इसकी तीमारदारी नहीं हो पायेगी ” और फिर पापा जाकर ले आए थे ।कैसे छोड़ देते ।उनकी दुलारी … Read more

 उपेक्षा का दंश – पुष्पा जोशी : Short Moral Stories in Hindi

 Short Moral Stories in Hindi : आज राधा की बड़ी बड़ी ऑंखों में बरबस ऑंसू आ गए। वह नहीं चाहती थी कि विवेक उन्हें देखे, वह तेज कदमों से अपने कमरे में चली गई। वह मन को बहुत समझाती है, कि उसकी और उसकी जेठानिय़ो की परिस्थितियों में बहुत अन्तर है, न उनसे अपनी तुलना … Read more

उपेक्षित पड़ाव जिंदगी का .! – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : अनु बेचैनी से बार बार  दरवाजे की और देख रही थी उसकी बेटी पांच बजे तक कोचिंग से आ जाती है अभी छे बज रहे थे फोन भी नही उठा रही थी तब शिवी आते दिखी अंदर आते ही अनु बोली कहां रह गई थी शिवी और फोन भी नही … Read more

आपको अपने बेटे पर गर्व होना चाहिए – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : रंजन बेटा उठ जा चाय तैयार है, विमलेश जी ने अपने बेटे को आवाज लगाई, पर वो बिस्तर पर बेसुध सा पड़ा हुआ था। रात को तीन बजे घर आयेगा तो सुबह सात बजे  कैसे उठेगा? तुम्हें मना किया था, इसके लिए चाय बनाई ही क्यों? रंजन के पापा चिल्लाकर … Read more

एक स्त्री तराशती अपना वजूद – प्राची लेखिका : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : अनन्या अपने परिवार में खूब घुलमिल कर रहती थी। उसके परिवार में उसके पति आकर्ष, उसके दो बच्चे शौर्य और आरोही, उसकी सास -ससुर और देवर विपुल थे। नंद सौम्या का विवाह हो चुका था। वह अपने घर में खूब खुश थी। देवर से भी उसकी अच्छी पटती थी। बीकॉम … Read more

मालिकाना हक – आरती रॉय : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : बेटे को जेल से छुड़ाने के लिये जमानत के पैसे एवं वकील के फीस का इंतजाम नहीं हो रहा था । वसुधा एक आखिरी कोशिश करने से पहले अपने त्याग एवं समर्पण, जो उसने मैके वालों के लिए की थी, उसे याद करने लगी । पांच भाई-बहनों में वसुधा सबसे … Read more

बेटे की चाहत – ऋतु गर्ग : Moral stories in hindi

 Moral stories in hindi : कावेरी को अपने दोनों बेटों पर बड़ा नाज़ था। स्वयं को बहुत भाग्यशाली मानती रही। चूंकि कोई बेटी नहीं थी तो घर में बेटियों का होना क्या होता है। कावेरी को बिल्कुल भी इस बात एहसास नहीं था।  घर भी साधारण था। उस घर को वह बहुत संभाल कर रखती … Read more

वह एक अजनबी – महजबीं : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : सीमा बहुत घबराई हुई थी।ट्रेन  लेट होती चली जा रही थी। नौ बजे पहुँचने का टाइम था पर 11 बज रहे थे रात के, अभी भी स्टेशन दूर था। इतनी रात में वह अकेली कैसे घर जाएगी ? स्टेशन से उसका घर काफी दूर था। सीमा की उम्र कोई  पैंतीस … Read more

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