दीयों की चमक – डॉ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  रमा तिलमिला उठी.. परिस्थिति ने उसे कठोर और असहिष्णु बना दिया था.   बड़ी भाभी की तीखी बातें नश्तर सी चुभो रही थी.. कैसे इतनी कड़वी बातें कह जाते हैं वे लोग ….वह भी मुन्ने के सामने.. उनकी तीखी कड़वी बातों का मुन्ने के बालमन पर कितना दुष्प्रभाव पड़ेगा ….वे जरा … Read more

और अंधेरा मिट गया – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : प्रिया अपना टिफिन रख लो… देखो तुम्हारी प्रैक्टिस फाइल बाहर ड्राइंग रूम में टेबल पर ही पड़ी है… तुम टीवी देखते – देखते डायग्राम बना रही थी ना… रख लो वरना भूल जाओगी।  नीरज आपने अपना बैग देखा.. देखिए ये फाइलें अभी भी बाहर पड़ी हैं… फिर आप भूल जाएंगे … Read more

ममता – महजबीं: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज भी मुझे अपनी बायोलॉजी की टीचर ज़ोया मैंम याद हैं। जिनका एक पैर जन्म से ख़राब था। वह एक हाथ में बैसाखी ले कर चलती थीं तथा दूसरी ओर से उन्हें किसी का हाथ पकड़ना पड़ता था। वह रिक्शे से आती थी।मैं अपनी फ्रेंड्स के साथ उनकी प्रतीक्षा करती … Read more

आपसी तालमेल और सामंजस्य : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ‘राज क्या बात है? मैं दो दिन से देख रही हूँ आप बहुत परेशान दिख रहे हो। न ठीक से सो पा रहे हो, न खा पा रहै हो। बताओ ना क्या बात है?’ तुम तो जानती हो सुमी सौलह दिन बाद रज्जो की सगाई है। आफिस में काम का … Read more

एक गृहलक्ष्मी की चाह “आत्मसम्मान” – संध्या सिन्हा: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रसोई का सारा काम निपटा कर विभा अपने बेडरूम में आयी तो देखा वैभव बड़े आराम से सो रहे थे लेकिन तकिया नीचे गिरा हुआ था। उसने एक प्यार भरी निगाह ड़ालते हुए तकिया बेड़ पर रख कर शावर लेने चली गयी। लौट कर आयी तो वैभव को कोई किताब … Read more

गैरों की ममता – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मैं अपनी बाइस दिन की बेटी को लेकर इस दो कमरे के मकान में रहने को आई थी । मकान मालिक का भरा पूरा परिवार था चार ,चार बेटे और एक बीस साल की बेटी ।मैं अपने परिवार में मेरे पति और बूढ़ी सास बस इतने ही लोग थे । … Read more

छुपी रुस्तम – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज रूपा को लड़के वाले देखने आने वाले थे,सारे घर में सुबह से ही चहल पहल थी,रूपा खूबसूरत,पढ़ी लिखी,सरकारी जॉब पर कार्यरत एक आधुनिक लड़की थी।हालांकि उसका दिल नहीं था इस तरह विधिवत देख दिखाने के बाद शादी करने का पर अपने पापा के डर की वजह से और मम्मी … Read more

बहन नहीं माँ हो – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अदिति की छोटी बहन मां के गुज़र जाने के बाद से अदिति के पास ही रहने लगी थी।यह अदिति की सास का निर्णय था,ताकि उनकी बहू उसके लिए चिंतित ना होती रहे।छोटी बहन अब सास की अपनी ही बेटी बन गई थी। उन्होंने ही अदिति की प्रिंसिपल से निवेदन करके … Read more

घर वापसी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  “ माँ इस बार दीवाली और छठ में जो खर्चे होंगे वो बता देना मैं आज ऑफिस से आते वक्त पैसे लेते हुए आ जाऊँगा।” मनन ने अपनी माँ रेवती जी से बोला “ जो तेरा मन करें … वैसे इस बार छठ नहीं करूँगी…अब मेरा शरीर जवाब देने लगा … Read more

सम्मान.. गृह लक्ष्मी का –  हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  भाई साहब आपका ही इंतजार हो रहा था, चलो अब आप आ गए हैं तो मीटिंग शुरू करते हैं, वैसे आप पूरे 10 मिनट लेट हो। आप आज कहां रह गए,। अरे भाई खाना बना रहा होगा या अभी बर्तन साफ कर रहा होगा। सब  जोर-जोर से हंसने लगे। गुप्ता … Read more

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