लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 7) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि उमेश और शुभ्रा का विवाह पास आ चुका हैँ… उमेश अभी फैमिली क्वार्टर नहीं ले रहा हैँ… अभी वो शुभ्रा को माँ पापा के पास ही रखेगा.. उसकी यह बात मेजर साहब को बहुत अच्छी लगती हैँ… इधर दादा नारायण जी लेटे … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 6) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि सभी को लगा शायद शुभ्रा आत्महत्या कर रही हैँ…. पर ये उसकी ताई की गलतफहमी थी…. उमेश और शुभ्रा के घर वालों के बीच दहेज को लेकर सब बातें साफ हो चुकी हैँ…. तय तिथि पर ही ब्याह होना हैँ…. शुभ्रा यह … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 5) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि उमेश और शुभ्रा के घरवालों के बीच तो दहेज को लेकर आपसी समझौता लगभग हो चुका हैँ… घर कि औरतें लड़कों वालों के लिए अंदर खाना बनाने गयी हैँ… कि तभी शुभ्रा के हाथ में चाकू देख शुभ्रा की ताई चिल्लायी… ये … Read more

ममता अनमोल है – नीरजा कृष्णा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज शारदा जी  बहुत गमगीन होकर विचारों में डूबी हुई थी। सिंगापुर में रहने वाली उनकी बेटी संजना की तबियत बहुत खराब थी। पिछले माह ही उसके सिज़ेरियन सैक्शन से बेटा हुआ था पर उन्हें कोई खुशी नहीं हुई थी। एकदम निर्विकार भाव से सब देखती सुनती रही थी।  सच … Read more

घर की रानी या नौकरानी – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अशोक जी की पत्नी को गुजरे हुए 3 साल हो चुके थे। उनके दोनों बच्चे बेटा और बेटी का विवाह हो चुका था। अशोक जी स्वयं को एक बहुत ही सुलझा हुआ व्यक्ति और बहुत अच्छा पति मानते थे।  आज कोई जरूरी फाइल ढूंढते समय उन्हें अचानक इतने सालों बाद … Read more

अनाड़ी गृहलक्ष्मी – संगीता त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  ” विगत का सोचती हूँ तो एक सलाम खुद के लिये बनता है,क्योंकि एक गृहलक्ष्मी जिसे कुछ नहीं आता, वो आज अपनी किताब के विमोचन पर सबकी बधाइयाँ ले रही…., कहते है ना कि आदमी खुद अपना इतिहास रचता है, तभी तो आज वो भी अपने परिवार में इतिहास रच … Read more

मान सम्मान***एक पत्नी का – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : देवर अपने परिवारवालों के व्यवहार से अच्छी तरह वाकिफ था सो वह हर समय अपनी पत्नी के मान- सम्मान की खातिर ढाल बन कर खड़ा रहता।मजाल है कि कोई उसकी पत्नी से एक शब्द भी बोल ले।अपनी पत्नी की सुख शान्ति के लिए वह उसे अपने साथ लेकर दूसरे शहर … Read more

गृहलक्ष्मी का हक – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : इस बार निशा ने निर्णय कर लिया था की वो अपने ससुराल दिवाली के लिए नही जाएगी अब और अपमान वो सहन नही करेगी नितेश को जाना है तो जाए । निशा को मालूम था उसका निर्णय आसान नहीं है मनवाना पर ये पहल करनी ही पड़ेगी। निशा की शादी … Read more

मैं सिर्फ़ आपकी पत्नी ही नहीं, किसी की बेटी भी हूं – सुल्ताना खातून : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “क्या है यार इसमें जो सोनू शादी के लिए मरा जा रहा था, यार ये तो सोनू से करीब पांच साल बड़ी लग रही है, नाक भी फैला हुआ है, शकल में कुछ तो ऐसा नहीं की लव मैरेज करने जैसा कुछ हो क्या यार उसने ऐसा क्या देखा, बेचारा … Read more

आईना दिखाती गृह लक्ष्मी – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :   “रीनू ओ रीनू!ये दीये पानी में भिगो देना ज़रा।एक घंटे के बाद निकाल कर धूप में रख दूंगी।”श्यामला ने अपनी काम वाली बाई को निर्देश दिया।अभी -अभी घर पर ही खरीदे थे एक भैया से दीये।रीनू ने आदतन पूछा”दीदी,कितने में दिए उसने आपको?” “सौ रुपए सैकड़ा बताया था,पर मैंने तीस … Read more

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