संस्कार – नीलम सौरभ

बड़ी हवेली में काम करने वाली राधा, आज जल्दी काम निबटाने की गरज से अपने साथ बिटिया रेवती को भी लेती आयी थी। आते ही दोनों, फैले-बिखरे घर को समेटने और धो-पोंछ कर चमकाने में जुट गयीं।                   गृहस्वामिनी शोभना जी देख रही थीं कि छोटी सी लड़की किस फुर्ती और सफाई से माँ के कामों … Read more

साथ : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : राकेश दफ्तर से घर आया तो उसने देखा उसकी पत्नी सीमा पूजा की तैयारियों में लगी हुई थी। आज सीमा का हरितालिका तीज का व्रत था जिसकी वजह से उसने चौबीस घंटे का निर्जला उपवास रखा हुआ था। राकेश ने सीमा से चाय माँगी तो उसने उसे थोड़ी प्रतीक्षा करने … Read more

बेटी ने अपनी हरकतों से शर्मिंदा कर दिया – अनिला द्विवेदी तिवारी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi :  सुहासिनी जी ने अपनी सहेली पूर्णिमा जी के बेटे मयंक के साथ अपनी बेटी नीलिमा की शादी करवा दी थी यह कहते हुए कि घर की बात है तुम सबको बाहर से बहू लाने पर कठिनाई ना हो। इसलिए अपनी ही बेटी को तुम्हारे घर बहू बनाकर भेज रही हूँ  … Read more

कीमती साड़ी – संध्या त्रिपाठी  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi :  अरे मैडम…. आप पैसे की चिंता क्यों करती हैं.. ?  आपके पास तो दो-दो ए टी एम है…. दुकानदार 15000 से कम कीमत की साड़ी दिखा ही नहीं रहा था.. वो जान चुका था आज मोटा ग्राहक फंसा है …महिला के साथ उसके पति और कमाऊ बेटा आए हैं.. जो … Read more

मतलब_परस्त_लोग – प्राची_लेखिका : Moral Stories in Hindi

 संडे को क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल था। शुभ्रा,राहुल और बच्चे उत्साहित थे भारत की जीत को लेकर। अचानक से राहुल के किसी मित्र का अपनी पत्नी के साथ आने का प्रोग्राम बन जाता है। शुभ्रा सुबह से ही काम में लगी हुई थी अचानक से आने वाले मेहमानों के आगमन की तैयारी में। सारी साफ … Read more

झूठी शान में कैसा मान ? – तृप्ति देव : Moral Stories in Hindi

जितनी बड़ी चादर हो, उतने ही पैर फैलाना बुद्धिमानी है।बहु ! हा मां! लेकिन लड़केवाले तो अमीर हैं। तो क्या हुआ? बहु! जो सच है, जो सहज-सरल और वही वास्तविक है, वही बयान करना चाहिएं। कल पूरा परिवार अपने यहां आने वाले है। मां! ठीक है । हा !है जैसे वैसे रहेगें।   बेटी के संस्कार … Read more

खुद के लिए भी सोचना ज़रूरी है … – रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : “यार तुम लोग चली जाओ मैं नहीं आ सकती तुम लोगों के साथ….तुम सही कह रही हो मैं कितनी खुश रहा करती थीं पर अब चिड़चिड़ी सी रहने लगी हूँ …मेरा मन नहीं करता अब कही भी आने जाने का उपर से पति , बच्चे और परिवार के बीच मैं … Read more

‘मैं सिर्फ आपकी पत्नी नहीं किसी की बेटी भी हूंँ’-मुकुन्द लाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : उस शहर के भुपेन्द्र बाबू प्रतिष्ठित व्यवसायी थे। उनका कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ था। कई घरेलू और उपयोगी सामानों के थोक विक्रेता तो थे ही इसके अलावा उनकी एक फैक्ट्री भी थी जिसमें दर्जनों लोग काम करके अपना जीवन-यापन करते थे।   उनकी इकलौती पुत्री शिल्पा सूरत और सीरत … Read more

मुझे अपनों के बीच जाना है। –   अर्चना खंडेलवाल

पिंकी की हल्दी की रस्म चल रही थी, सभी रिश्तेदार आये हुए थे, हंसी-खुशी और ठहाके घर में लग रहे थे, सुनिधि ये सब वीडियो कॉल में देख रही थी, उसका भी मन था वो भी अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होती पर उसके मायके और अमेरिका में बहुत दूरी थी। हर बार … Read more

मीरा कभी ना होगी मोहन की … – अर्चना खंडेलवाल

मीरा के जीवन के उतार-चढ़ाव  ने उसे रिश्तों का अच्छा पारखी बना दिया था। समझदार होते ही वह अपना खर्चा निकालने लगी थी। मौहल्ले के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर उसने अच्छी-खासी रकम जमा कर ली थी। पढ़ाने के दौरान ही उसने एक प्राइवेट स्कूल में टीचर की नौकरी कर ली।मां खुश नहीं थी, उन्हें लगता … Read more

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