ससुराल की अहमियत (भाग -2) – स्वाती जैंन : Moral stories in hindi

अर्चना जी ने सोचा था दोनों बहने एक ही घर में ब्याहकर आएंगी तो मिलकर रहेंगी और घर को स्वर्ग बना देंगी मगर वे कहां जानती थी कि दोनों सगी बहने मिलकर ससुराल वालो का जीना हराम कर देंगी !! सुधा और मंगला दोनों की शादी एक ही मंडप में एक ही दिन और एक … Read more

ससुराल की अहमियत (भाग 1) – स्वाती जैंन : Moral stories in hindi

बुढ़िया , तेरी हिम्मत कैसे हुई रोटी पर घी लगाकर खाने की ?? तेरे लिए दो सुखी रोटी जान बूझकर ही रखी हैं मैंने , रोटी के साथ दाल दे रही हुं , यह काफी नहीं हैं क्या तेरे लिए जो अब घी भी लगाकर खाएगी तु रोटी पर ?? बड़ी बहु सुधा अपनी सास … Read more

बदली अहमियत, तो बदला व्यवहार – रोनिता कुंडू: Moral stories in hindi

सलोनी..! अचार की बरनिया जरा उतार देना, शिव्या और ज्योति आ रही है… उन्होंने खास अचार की मांग की है.. शोभा जी ने अपनी बहू सलोनी से कहा सलोनी:  हां मम्मी जी आपके बनाए हुए अचार होते ही बड़े लाजवाब है.. पिछली बार जब मैं अपने मायके लेकर गई थी, मेरी भाभी ने भी कहा … Read more

अहमियत – वीणा सिंह: Moral stories in hindi

आज लंबे अंतराल के बाद राज से एक कांफ्रेंस के दौरान मिलना हुआ… सुखद आश्चर्य के साथ एक टीस सी दिल में उठी… उफ्फ……                             नर्सरी से हमारा साथ था… स्कूल कॉलेज में हम साथ साथ पढ़े. हम दोनो अपने विषय के टॉपर थे.. मुझे ज्यूडिशियरी में जाने की बहुत … Read more

अहमियत औरत की पसंद की – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

” मम्मी जी आज खाने में कटहल की सब्जी बना लेती हूं आप जरा बाहर सब्जी वाले से ला दे !” पंद्रह दिन पहले ब्याह कर आई रुचि ने अपनी सास नलिनी जी से कहा। ” नही नही कटहल की सब्जी हमारे यहां कोई नही खाता तुम ऐसा करो अपने पापा जी की पसंद की … Read more

ख्वाब जो बिखर गये (भाग 2)  – रीमा महेंद्र ठाकुर 

निहारिका  बैचेनी से चहलकदमी  कर रही थी !  धीरे धीरे  अन्धेरा  बढ रहा था  , अब तो उसे  डर भी  लग रहा था , उसके  कदम समीर के रुम की  ओर बढ गये ।   तभी सामने से आता दिखा समीर , वो  दौड़कर समीर के गले लग कर रो पडी, समीर ने उसे  चुप  … Read more

ख्वाब जो बिखर गये (भाग 1)  – रीमा महेंद्र ठाकुर 

बहुत  चाहा तुम्हें , अब  नही बस तुमने  दिया ही क्या मुझे,    बेबसी”  तुम आये ही क्यू मेरी  जिन्दगी मे ,कुछ भी  तो न चाहा था  तुमसे  ,मैने सिवाय थोडी सी इज्जत और अपनेपन के  अलावा ” अब छोड गये न मुझे  अकेला”  अब कभी वापस मत आना  ! मै अकेली ही अच्छी  हूँ बन्द  … Read more

अहमियत – मोहम्मद उरूज खान : Moral stories in hindi

सुनो! तुम्हारा पसंदीदा रंग कौन सा है? नाश्ते की टेबल पर अख़बार पढ़ रहे शशांक जी ने पूछा। इस तरह अपने पति के मुँह से इस तरह की बात सुन बराबर में बैठी नाश्ता कर रही उनकी पत्नि शिवानी जी ने हेरत से उनकी तरफ देखा और बोली ” क्या पूछा आपने? ऐसे क्या देख … Read more

सब्र का बांध – पुष्पा जोशी : Moral stories in hindi

‘अजय तुम्हें पता है कल सुबह सुलभा आ रही है। वह भी रौशन के सम्मान समारोह में जाना चाहती है। रौशन उसका प्यारा भतीजा जो है। और बिना बहिन बेटी के कोई शुभकाम कैसे हो सकता है।’ मालती जी ने उत्साहित होते हुए कहा। अजय ने कहा- ‘माँ यह तो बहुत खुशी की बात है। … Read more

अहमियत – डाॅ संजु झा : Moral stories in hindi

कभी-कभी रिश्तों की अहमियत व्यक्ति को देरी से समझ में आती है।जिन्दगी में परिस्थितियाँ बदलती हैं,उन्हीं के अनुसार व्यक्ति को भी बदलने में ही भलाई है।यह बात अब आशा जी की समझ में आ चुकी थी। आशाजी ,जो अपने गाँव  के बड़े मकान में अपने पति के साथ सुखपूर्वक रहती थीं।साल में एक-दो बार  छुट्टियों … Read more

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