जो मेरे साथ हुआ वह तुम्हारे साथ नहीं होगा – मनु सिंह: Moral stories in hindi

रीमा देवी बाहर बगीचे में बैठी सर्दियों की धूप का आनंद ले रही थी । अभी उन्हें अपनी 12 वर्षीय पोती ने आवाज दी दादी दादी कहां हो आप का हुआ बिटिया काहे को आवाज दिए जा रही हो इतनी देर से ,दादी आपको पता है  वृद्धि आजकल क्लास में बहुत चुप चुप रहती है … Read more

वह पागल नही था  – डा. इरफाना बेगम: Moral stories in hindi

वह कौन था कहां से आया था कोई नहीं जानता था। एक दुबला पतला लगभग ग्यारह–बारह साल का बच्चे को ट्रक के क्लीनर के साथ देखा गया । क्लीनर उस बच्चे के साथ बहुत ही अभद्र व्यवहार कर रहा था।  गांव के बाहर ढाबे पर खडे ट्रक के क्लीनर का व्यवहार बच्चे के साथ लोगो … Read more

अहमियत :सी इज जस्ट अ हॉउस वाइफ….. –  मीनाक्षी सिंह  : Moral stories in hindi

सुनो वंदना….कल मेरे ऑफिस के कुछ दोस्त अपनी फैमिली के साथ आयेंगे….. कुछ ज़रूरी डिस्कशन करना है सबके साथ … वो खाना खाकर ज़ायेंगे सब तैयारी कर लेना…. फ़ोन पर देखते हुए वंदना के पति मोहित बोले…. सामान भी तो लाना पड़ेगा जी…. आप ले आईयेगा… बना दूँगी मैं ….. वंदना बेटी को दूध पिलाती … Read more

जो मेरे साथ हुआ वह तुम्हारे साथ नहीं होगा –  हेमलता गुप्ता  : Moral stories in hindi

लो नेहा दीदी… मैंने चाय बना दी है, अब आप जाकर इसे मामा जी को दे दीजिए !क्यों… तेरे पैरों में क्या मेहंदी लग रही है जो मैं मामा जी को चाय लेकर आऊं… यह काम तू भी तो कर सकती है! अरे दीदी… मेरे पास और भी तो बहुत सारे काम है करने को, … Read more

अहमियत – पूजा मिश्रा  : Moral stories in hindi

जयराम आश्रम में गंगा के किनारे सीढ़ियां पर बैठी अमृता गंगा की लहरों को अपलक देख रही थी मन में विचारों का झंझावात चल रहा  था । मेरी जिंदगी इन लहरों की तरह क्यों नही थी ये तो अपनी मर्ज़ी से आगे बहती जा रही हैं  मै अपनी मर्जी का जीवन क्यों नहीं जी पाई … Read more

अहमियत का प्रमाणपत्र नहीं – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral stories in hindi

 बहू को घर की लक्ष्मी कहने भर से नहीं होता,मानना भी पड़ता है।प्रीति ने ससुराल के बारे में अपनी सहेलियों से अलग-अलग कहानियां सुनी थी।करुणा ने कहा था”ससुराल,बस एक जेल है।सारा दिन सास जेलर बनी सर पर मंडराती रहती है।”रक्षा ने अपना अनुभव बताते हुए कहा”अरे,दिन भर गधे के जैसे काम करते रहो,फिर भी कदर … Read more

क्या मेरी कोई अहमियत नहीं? – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

    ” मम्मी….आपके घर में रहने के लिये मुझे थोड़ी जगह मिलेगी?” रोते हुए छवि अपनी माँ प्रेमलता से पूछने लगी।    ” ये तू क्या कह रही है छवि!…शशांक जी कोई बाता-बाती हुई है क्या या फिर बच्चों से…।”    ” सबसे…आप मना कर देंगी तो मैं कहीं और…।” बात अधूरी रह गई और छवि ज़ोर-ज़ोर से … Read more

आप कैसी सास हो माँ – संध्या त्रिपाठी   : Moral stories in hindi

      सवा नौ बज गए हैं ….अभी तक तुम्हारा टिफिन पैक नहीं हुआ….?? मैं चला…. शांतनु ने देर होने से मानसी पर गुस्सा होते हुए कहा…     अरे शांतनु रुको तो…. एक मिनट बस हो ही गया है ….मानसी ने अपने काम की स्पीड बढ़ा दी….! जल्दी-जल्दी टिफिन पैक किया और दौड़ कर बाहर गई… तुरंत ही … Read more

पापा कब आओगे? – गीता वाधवानी   : Moral stories in hindi

एक खूबसूरत शहर चंडीगढ़ ,चार लोगों का सुंदर, सुखी , हंसता खेलता मध्यम वर्गीय परिवार। पति सुबोध, पत्नी मीना, 6 वर्षीय पुत्री ख्याति और 4 वर्षीय पुत्र यश।  सुबोध की किरयाने की छोटी सी दुकान थी घर के बाहर वाले कमरे में और उसकी पत्नी मीना घर संभालती थी। जब सुबोध दुकान के लिए सामान … Read more

मां की बरसी – पूजा शर्मा   : Moral stories in hindi

देखो मोहन बेटा! अब तुम भैया को अपने पास लेकर चले जाओ यहां गांव में अकेले कैसे रहेंगे?  भाभी के जाने के बाद बहुत खोये खोये से रहने लगे हैं। अब मेरे हाथ पैर भी कमजोर पड़ गए हैं बेटा  और तुम्हारी चाची की तबीयत भी ठीक नहीं रहती।अब मैं  और तुम्हारी चाची शहर में … Read more

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