मजबूरी – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  आज संडे कि सुबह थी ।लेकिन मधु बहुत चिड़चिड़ी लग रही थी।मधु ने खिचड़ी बनाकर अपने सास ससुर को दी और कपड़े सुखाने के लिए छत पर जा ही रही थी कि आशीष से सामना हो गया।  “आशीष मैं अब तंग हो चुकी हूँ। नहीं होती अब मुझसे तुम्हारे मम्मी … Read more

मयूरी – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज मयूरपंखी यानी मेरी बहु मेरा रिपोर्ट हाथ में लिए डांस करते हुए मेरे पास आई और मुझे भी नाचने के लिए मजबूर कर दिया.. मैं पूछ रही थी बताओ  न मयूरी.. मनोज और मानस हंसे जा रहे थे.. पगली मयूरी मुझे बिठाते हुए कहा मां आप के रिपोर्ट ने … Read more

ऐसा कौन सा तीर मार लिया – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ बेटा जा कर बड़ी माँ से आशीर्वाद ले आ…उनका आशीर्वाद बहुत ज़रूरी है ।” निर्मला ने अपनी बेटी छवि से कहा छवि और उसका छोटा भाई देव एक दूसरे का मुँह देखने लगे… ,”ये माँ को क्या हो गया है… ये सब भूल गई क्या बड़ी माँ ने पिताजी के गुजर जाने के बाद … Read more

बहु जब लड झगड़कर अपने मायके पहुंची तब उसे हुआ आत्मग्लानि का एहसास !! (भाग 3 ) – स्वाति जैन : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : दरवाजे पर खड़ी आभा सास ससुर की यह सारी बातें सुन लेती है और अपने कमरे में आकर राज से कहती हैं कि हमारा इस बार का नाटक भी मुझे फेल होता नजर आ रहा हैं राज !! राज बोला क्यूं क्या हुआ आभा ?? इतने सब के बाद तो … Read more

बहु जब लड झगड़कर अपने मायके पहुंची तब उसे हुआ आत्मग्लानि का एहसास !! (भाग 2 ) – स्वाति जैन : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : खत पढ़ते पढ़ते मगनलाल जी को लगा जैसे उनके पीछे कोई खडा हैं उन्होने पीछे देखा तो चंदाजी खड़ी थी !! वे बोली क्या पढ़ रहे हैं जी ?? मगनलाल जी बोले तुम्हारी बड़ी बहू मायके जाने से पहले या खत लिखकर छोड़ गई है बस वही पढ़ रहा हूं … Read more

क्या कोई इतना त्याग कर सकता है – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज बहुत दिनों बाद घर में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी थी…. सालों से माँ बनने के सपना देखती कृति आख़िर आज माँ जो बन गई थी… सास सुभद्रा जी के ताने भी शायद अब ख़त्म हो जाएँ पर क्या सच में कृति माँ बनी थी…. आइए आगे पढ़ते है… … Read more

बहु जब लड झगड़कर अपने मायके पहुंची तब उसे हुआ आत्मग्लानि का एहसास !! (भाग 1) – स्वाति जैन : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi :निकल जाओ तुम लोग अभी की अभी मेरे घर से , भगवान यह दिन दिखाने से पहले काश मुझे उठा लेते , इतने सालों से जो परिवार एक साथ रहा मैं नहीं जानता था वह इस तरह टूटेगा , क्या यही दिन देखने के लिए तुम लोगों को इतना बडा किया … Read more

*स्पष्ट वादिता* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  नीरज की अभी छह महिने पूर्व शादी हुई थी, और उसे आज उसके ससुराल बुलाया गया था। नीरज का ससुराल बहुत पैसे वाला था, और रोमा उनकी इकलौती, लाड़ली बेटी थी। नीरज बेहद खूबसूरत,लम्बापूरा नौजवान था। जो देखता, देखता ही रह जाता। प्रभावशाली व्यक्तित्व था उसका। नीरज और रोमा एक … Read more

आत्मग्लानी – माधुरी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : एसी कोच में बैठे होने पर भी सुधा जी केचेहरे पर पसीना आ रहा था,बगल में बैठे पति मनोहरजी ने पूछा   क्या बात है है तबियत तो ठीक है न तुम्हारी इतना पसीना क्यों आरहा है फिर।नहीं कुछ नहीं बस ऐसे ही मन में कुछ पिछली कडबी यादें सिर उठा … Read more

सुबह का भूला (आखिरी भाग )- नीलम सौरभ

स्तुति ने पूरी तत्परता से न सिर्फ अपने जेठ को सही समय पर अस्पताल पहुँचाया बल्कि वहाँ के लापरवाह स्टाफ से लड़-भिड़ कर उन्हें तत्काल एडमिट भी करवाया। वहाँ उपस्थित अस्पताल के छोटे कर्मचारी जब आदत से मजबूर आनाकानी कर रहे थे, स्तुति दनदनाती हुई मुख्य चिकित्सक के ऑफिस में घुस गयी। उसने जब अपने … Read more

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