अब तो माँ बन जाओ – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “ कामिनी कब तक तुम ऐसे ही बचपना करती रहोगी …उस में उन बच्चों की क्या गलती है…जब से शादी की बात चली है उस दिन से तुम मुँह फूला कर रखी हुई हो।” किशोर जी कामिनी जी को समझाते हुए बोल रहे थे  “ काश तुम समझ पाते… मेरे … Read more

हस्ताक्षर – सारिका चौरसिया : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जिज्जी अम्माजी अब नहीं रहीं….हां!हां! हैं ना आपके छोटे भैया ! जी….जी,अरे वही कर रहे सब तैयारी….तब और कौन करेगा जिज्जी?,….आप तो सब जानती ही हो,, सारी जिम्मेदारियां इन्हीं पर तो रहती है। और अम्मा को ये प्यार भी तो कितना ज्यादा करते हैं। हम लोगों को भी तो उनसे … Read more

इल्जाम –  वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  सबको खिला कर किचन समेट रही थी.. बच्चों का स्कूल सुबह सुबह होता है, किचन साफ रहने से लंच बनाना आसान हो जाता है.. फुरसत से थोड़ी देर टीवी पर बिग बॉस मे होने वाले झगड़े का आनंद लूंगी.. तभी डोर बेल बजी.. सामने सोना मेरी कामवाली अपनी सात साल … Read more

दर्द जो कोई नहीं बांट सकता –  सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  ” बधाई हो भाभी, बेटा अफसर बन गया है और बहू भी अफसर ही आई है |दोनों तुम्हारी इज्जत करते हैं, बात मानते हैं और अब तो तुम्हें अपने साथ घूमने ले जा रहे हैं |बेटा -बहू तो बहुतों के है, पर कोई अपनी माँ के लिए इतना नहीं  करता … Read more

दर्द की अनुभूति – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : निलिमा जी के पति राजेश जी का निधन हुए १५ दिन हो गए थे।  कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले सभी मेहमान जा चुके थे।घर पर वे और उनके बेटा बहू रह गए थे। बेटे अनिल को भी आज से नौकरी पर जाना जरूरी है, वैसे ही राजेश बाबू की बिमारी … Read more

प्रेम जाल….. द हनी ट्रैप : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रिटायर्ड जज श्री सोमनाथ जी एक अनुशासित जीवनचर्या का पालन करते थे! किसी प्रकार का कोई दुख नहीं था, दो बेटा बेटी थे , दोनों अच्छी जगह पर सेटल थे,  5 वर्ष पूर्व उनकी पत्नी का देहांत हो चुका था! सोमनाथ जी कई सामाजिक  संस्थाओं से जुड़े हुए थे, तो … Read more

जिया लागे ना – के कामेश्वरी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : यह बात बिल्कुल ही सही है कि हम सफर के साथ न होने का दर्द कोई नहीं बाँट सकता है । हम सफरचाहे पति हो या पत्नी दोनों को ही एक दूसरे का साथ ज़रूरी होता है । किसी एक के भी न होने परउसके दर्द की कोई सीमा नहीं … Read more

ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना – कामिनी केजरीवल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जीवन साथी दो अलग अलग शब्दो का एक अभिन्न अखंडित शब्द है जीवनसाथी।यह वह शब्द है जो जिंदगी के ऊंचे नीचे , कच्चे –पक्के पथरीले या सहज रास्तो पर एक दूसरे का हाथ पकड़ कर मंजिल तक पहुंचने की कोशिश करता है ।      ऐसे साथी से हमेशा के लिए दूर … Read more

जोरू का गुलाम- लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रहने दे बेटा मां को छोड़ तू तो जा अपनी बीबी की ही तीमारदारी कर …..राजमोहन जी ने बहुत धीमे से दांत दबाकर कहा था लेकिन फिर भी अंत का शब्द जोरू का गुलाम पलाश के कानों में पड़ ही गया था। पत्नी आनंदी के साथ पलाश का हंसी ठिठोली … Read more

मेरे घर आना ज़िंदगी – डा. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज करवाचौथ है,साथ ही साथ गरिमा और अंशुल की शादी की दसवीं सालगिरह है। अंशुल से मिलने के बाद ही उसने जाना था कि कुछ रिश्तें खून के रिश्तों से भी बढ़कर होते हैं। वो चांद के निकलने का इंतज़ार कर रही थी। आज पहली बार था जो अंशुल करवाचौथ … Read more

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