मेरी टाई – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : …अरे तुमने मेरी टाई कहां रख दी !! यहीं तो रखी थी मैंने अपने सूट के साथ !!प्रकाश जी ने बाथरूम से निकलते ही तैयार होने के लिए अपने कपड़ों की तरफ हाथ बढ़ाया टाई नदारद थी… जोर से पत्नी मीरा को आवाज दी। मैंने .. मैने नहीं उठाई आपकी … Read more

रिश्तों के बीच कई बार… – वीणा सिंह   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :सावन में मायके से हर साल की तरह इस साल भी बुलावा आया तो शुभा आत्मग्लानि और शर्मिंदगी से गड़ गई.. शुभा की शादी के पांचवे सालगिरह पर उसकी ननद कनाडा से दो महीने के लिए अपने मायके आई थी.. शादी में सिर्फ तीन दिन हीं रही फिर पति को छुट्टी … Read more

माँ बाप का फर्ज है बच्चो को सही राह दिखाए – संगीता अग्रवाल   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : उमा जी अभी पति और सास के लिए नाश्ता मेज पर लगा रही थी तभी दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी। ” अरे सोनाली तुम इस वक्त और ये बैग सब ठीक तो है ना ?” उमा जी दरवाजा खोलते ही सामने बेटी को देख बोली। ” मम्मी पहले अंदर … Read more

एक बार फिर (भाग 36 ) अंतिम भाग – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

शेखर और प्रिया के बीच तनाव के चलते प्रिया शेखर से कहती है कि उसे इस रिश्ते के बारे में फिर से सोचना है। शेखर अपनी मॉम को बता देता है कि उसने प्रिया के साथ क्या किया है?? इससे‌ वह बेहद अपसैट हो जाती हैं और प्रिया से माफी मांगती हैं। प्रिया को सॉरी … Read more

काश पहले बचा पाते… – रश्मि प्रकाश   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शाम की आरती करके ….हाथ में चाय का कप पकड़कर कविशा  जैसे ही सोफे पर बैठ चाय की चुस्की लेती सामने रखा मोबाइल बज उठा… देखा तो माँ का फोन है । “ हाँ हैलो माँ!” कविशा ने पूछा ही था कि जवाब में माँ का रोना सुनाई दिया  “ … Read more

बहु मुझ पर ऐसे आरोप लगाकर मुझे जलील मत कर – बीना शर्मा   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ” रुक्मणी रात के समय लघुशंका करने के लिए बिस्तर से उठकर बाथरूम की तरफ गई तो उसने देखा उसकी बहू मोनिका अपने कमरे में सोने की बजाय दरवाजे पर बैठकर किसी का इंतजार कर रही थी बहु को किसी का इंतजार करते देखकर रुक्मणी आश्चर्य से बोली” बहु तुम … Read more

बदले दुनिया सारी- सासू मां तुम ना बदलना – कुमुद मोहन 

नेहा यार !अब बस भी करो ,एक इंच भी जगह नहीं बची है कार में,रजत झुंझलाते हुए बोला! मम्मी!क्या पूरा घर ही बांध दोगी क्या? नीना और विनय के बेटे-बहू नेहा और रजत क्रिसमस की छुट्टियों के बाद वापस जाने के लिए गाड़ी में सामान जमा रहे थे। ” बस सिर्फ एक बैग और ,ये … Read more

 ‘ उम्मीद से ज़्यादा मिला ‘ – विभा गुप्ता

पुरुषोत्तम बाबू सरकारी नौकरी से रिटायर होकर आराम की जिंदगी बिता रहें थें।बेटी काजल का विवाह अपने ही शहर के एक अध्यापक के पुत्र से दो साल पहले ही कर चुके थें, बेटा आकाश एक प्राइवेट बैंक में काम करता था और पत्नी मंगला सुघड़ गृहिणी थी।पत्नी के सहयोग से ही उन्होंने अपनी सीमित आय … Read more

आप मुझसे पहले विदा होना – डी अरुणा 

राधिका जी का भरा पूरा परिवार। हरे कृष्णा दो बेटे, दो बहुएं, चार पोते, पोतियां।साथ में थे राधिका जी के उम्र दराज सास-ससुर।  अचानक सास की मृत्यु से ससुर जी गुमसुम हो गए। जिस वक्त जीवनसाथी की सबसे अधिक आवश्यकता थी जीवन साथी ने उनका साथ छोड़ दिया। ससुर जी के सारे कार्य सास ही … Read more

बड़प्पन – विभा गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ” क्या नेहा….इतने दिनों में एक सैंडविच बनाना भी नहीं सीख पाई…।” कहते हुए सुनीता ने हाथ में लिया हुआ सैंडविच ज़मीन पर फेंक दिया।तभी उसकी एक सहेली व्यंग्य से बोली, ” इसके मायके में किसी ने ब्रेड देखा ही नहीं होगा..।” इतना सुनते ही ड्राइंग रूम में बैठी सुनीता … Read more

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