एक औरत संस्कारहीन कैसे!!! – अमिता कुचया  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : जूही एक गर्भवती औरत है ,उसका घर बाजार के बीचोंबीच है,उसके घर के आसपास बहुत हलचल रहती है,चारों तरफ लैया,चाट , आइसक्रीम के ठेले लगे रहते हैं और गर्भवती होने के कारण खट्टा-मीठा तीखा खाने का मन होता था, लेकिन माहौल गमगीन होने के कारण उसने बहुत दिनों से कुछ … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 20) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि उमेश अपने दोस्तों संग घर पहुँच चुका हैँ…. आज़ टीका की रस्म होनी हैँ…. उमेश और शुभ्रा की प्यार भरी नोंक झोंक जारी हैँ…दोनों तरफ के  सभी मेहमान आ चुके हैँ…घर में रौनक छा  गयी  हैँ…उमेश शुभ्रा से बात कर ही रहा होता … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 9 ) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

विनया जो कि कमरे से निकल कर सम्पदा के पीछे–पीछे बैठक में आकर बैठक की साफ सफाई में लग गई थी लेकिन उसके कान अंजना और संपदा की बातों पर ही लगे थे और चोर नज़रों से रसोई में खड़ी अंजना और संपदा के हाव–भाव के साथ साथ क्रियाकलाप भी देखना चाह रही थी। यूॅं … Read more

नयी सोच – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : बाहर कूड़ा फेंकने आयी मोहिनी से कमला जी बोली….. मोहिनी कल तेरी सास क्या बोल रही थी ?? पता है तुझे….पड़ोस की रिश्ते में चचिया सास लगती हैँ कमला जी… क्या बोल रही थी चाची मम्मी जी….. हाथ में कूड़े की बाल्टी लिए मोहिनी वहीं खड़ी हो गयी…. कमलाजी चारों … Read more

मां के लड्डू -लतिका श्रीवास्तव  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : बेटा सुन मैंने बहुत बुरा स्वप्न देखा है रात में ..मेरा दिल धड़क रहा है अभी तक तू आज मत जा बेटा कल चले जाना ….आशा बार बार अंबर से कह रही थी वास्तव में उसका दिल कुशंका से बुरी तरह धड़क रहा था मां मेरा आज ही जाना बहुत … Read more

भाग्यशाली – विभा गुप्ता  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : थकी-हारी आनंदी ने जब अपने ‘आनंदी-निवास ‘ में प्रवेश किया तो बैठक-कक्ष के सोफ़े पर वह निढ़ाल हो गई।उसने एक नज़र पूरे घर में दौड़ाई और सोचने लगी, क्या इसी दिन के लिए मैंने यह घर बनवाया था।               बरसों सरकारी आवास में रहते-रहते वह उकता गई थी।हर तीन साल पर … Read more

संस्कारहीन – पूनम सारस्वत  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : “अच्छा चल कितनी देर में आ रही है घर पर ?” मीनू ने दीपा से पूछा। “बस फोन रख दस मिनट में हाजिर होती हूं।” दीपा और मीनू दोनों सखियों में बहिनों जैसा प्यार है और घर ज्यादा दूर नहीं होने के कारण जरा जरा सी बात पर एक दूसरे … Read more

बच्चों और परिवार के पीछे वो खुद को भूल गई – वीणा सिंह  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : आज बाईस साल से दबाया हुआ ज्वालामुखी अचानक फट गया.. गौरी के सब्र का बांध टूट गया.. पति मयंक और सासु मां हतप्रध रह गए, ऐसी तो कोई बड़ी बात नहीं थी.…            मितभाषी गौरी बेतहासा बोले जा रही थी.. बेटा जब टेंथ क्लास में साठ परसेंट नंबर लाया तो आपने … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 8 ) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

“चाय गिरने कालीन खराब होने की चिंता है। एक बार भूले भी ये नहीं पूछ सकते कि कहीं तुम्हारे हाथ में जलन तो नहीं आ रही।” अचानक ही विनया की ऑंखों में ऑंसू आ गए। जिसे बमुश्किल उसने बहने से संभाला और एक नजर मोबाइल में नजर टिकाए मनीष पर डाल कर चाय पीने लगी। … Read more

परिवार और बच्चों के आगे तुम ख़ुद को भूल गई हो – रश्मि सिंह  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : देवांश-गीता कभी ख़ुद को आईने में देखा है, 30 की हो पर लगती 50 से कम नहीं। दिन भर बस बच्चों और मेरी हर चीज़ का ध्यान रखना। नाश्ता करोगी तो लंच नहीं, लंच किया तो डिनर नहीं। वेट भी इतना कम हो गया है।  गीता-आप क्या जानो, मेरे जैसे … Read more

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