हमारी नयका : एक अव्यक्त प्रेम कहानी(भाग-2) – साधना मिश्रा समिश्रा : hindi stories with moral

hindi stories with moral : आज का पूरा दिन ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। नयका को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था कि जिस व्यक्ति के साथ वह सुखपूर्वक पिछले पंद्रह साल से सुखी गृहस्थ जीवन गुजार रहीं थीं। वह पति कहीं और भी प्रेम की पींगे चढ़ा रहा था और इस पराकाष्ठा … Read more

सबक – शिप्पी नारंग: Moral Stories in Hindi

“पापा जी जैसे कल बात हुई थी, पेपर तैयार हो गए हैं आप साइन अभी करेंगे या फिर बाद में ” शुभ्रा ने अपने ससुर सूरज जी से पूछा जो नाश्ते के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठे थे साथ में शुभ्रा के पति मोहित और सासू मां वेदिका सरीन भी बैठी थी । “अच्छा तैयार … Read more

अपने घर से मायका बन जाने का सफर भाग 3   – संगीता अग्रवाल 

” मम्मी मैं भी तो तरस रही थी अब जल्दी से बढ़िया सा कुछ खिलाओ इतने मैं हाथ मुंह धोकर ये बैग के कपड़े अपनी अलमारी मे लगा कर आती हूँ !” रितिका ये बोलते हुए अपने कमरे की तरफ चल दी।  थोड़ी देर बाद उसने अपनी पसंद का नाश्ता किया और माँ से बाते … Read more

अपने घर से मायका बन जाने का सफर भाग 2  – संगीता अग्रवाल 

बेटी को विदा कर कामिनी जी और सुधीर जी बिलख पड़े रो तो भाई आदित्य भी रहा था पर उसे मम्मी पापा को भी तो संभालना था। बहन की विदाई बाद एकदम से समझदार और जिम्मेदार जो हो गया था। उधर रितिका के ससुराल पहुँचते ही वहाँ खुशी का मौहौल हो गया। कितनी अजीब है … Read more

बड़ों का आशीर्वाद –   विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” सुन…अब कोई बहाना नहीं…तुझे आना ही है।सुमित आर्मी ऑफ़िसर बन गया है, उसे आशीर्वाद नहीं देगी…।”    ” दूँगी…क्यों नहीं दूँगी…मेरे सामने ही तो वह चलना-बोलना सीखा है लेकिन रंजू….।” मैं अपनी बात पूरी भी नहीं कर पाई थी कि उधर से आवाज़ आई,” लेकिन- वेकिन छोड़ और…।”   ” ठीक है बाबा…मैं आ रही हूँ…अब … Read more

मोगरे के फूल – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

विश्वनाथ जी स्वयं ,खुरपी लेकर गुड़ाई करने के बाद, पानी का पाइप पकड़ कर सभी पौधों में पानी डाल रहे हैँ। भैय्या  आज तो शाम को रिसेप्शन है…. आज तो रहने देते.. किसी और को.. किसी नौकर चाकर को कह देते। बहन दमयंती ने कह तो दिया, मगर ये अच्छी तरह जानती है कि भाभी,दया … Read more

अति सर्वत्र वर्जयेत् (भाग 3)- डा.पारुल अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : उन्होनें ने भी फोन पर चित्रा की कोई बात सुने बिना भाई भाभी की बात मानने की सलाह दी। चित्रा बहुत अकेली पड़ गई थी। वो पूरी रात सोई नहीं थी। अगले दिन सुबह वो पास के एक मंदिर में गई,जहां वो अक्सर जाती थी। वहां उसके भजन और शुद्ध … Read more

जाने कब जिन्दगी में कौन सा मोड़ आ जाए ये कोई नहीं जानता – मुकुन्द लाल  : Moral Stories in Hindi

   श्रीमन अपनी पढ़ी-लिखी पुत्री मेधा की शादी अपने पड़ोसी शहर के बड़े व्यवसायी के लड़के ओमेश के साथ करके निश्चिंत हो गए कि एक जिम्मेदारी तो समाप्त हुई।    शादी के बाद ससुराल में सारी पारम्परिक औपचारिकताओं का विधिवत नार्वाह किया गया। इस तरह दोनों पति-पत्नी के दाम्पत्य जीवन का शुभारंभ हो गया।    मेधा को सास-ससुर … Read more

माता-पिता का प्यार – के कामेश्वरी  : Moral Stories in Hindi

प्रणति और हरिप्रसाद मध्यम वर्गीय परिवार के थे । हरिप्रसाद सरकारी स्कूल में गणित पढ़ाया करते थे । उनकी शादी के दो साल बाद उनके घर पुत्र का जन्म हुआ। उसका नाम आदित्य रखा ताकि सूर्य की तरह वह चमकता रहे । उसी समय उन्होंने सोच लिया था कि अपने बेटे को बहुत पढ़ा लिखाकर … Read more

परिश्रम का आशीर्वाद – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

बाहर से अख़बार उठाते ही कुछ पम्पलेट बाहर गिर गये, सबको उठाते हुये एक पम्पलेट पर स्नेहा की नजर रुक गई, एक नामी ब्रांड ने, अपने ब्रांड स्टार के नाम से “मिसेज स्टार “की प्रतियोगिता रखी है.., स्नेहा का मन जिज्ञासा से भर गया ..।खुली आँखों से मिसेज स्टार बनने का सपना देखने लगी..।     उसे … Read more

error: Content is protected !!