गुप्ता प्रॉपर्टी वाले – नेकराम: Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: नरेश को शहर में एक नया मकान खरीदना था किसी ने गुप्ता प्रॉपर्टी वाले का पता बता दिया नरेश अपनी पत्नी उर्मिला को लेकर गुप्ता प्रॉपर्टी वाले के पास पहुंचे,,,, गुप्ता जी ने नरेश को मोहल्ले के भीतर कई मकान व फ्लैट दिखाएं किंतु नरेश को कम दामों में अच्छा मकान … Read more

अपनों का आशीर्वाद – अमिता कुचया : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: जीवन में बच्चों का पालन पोषण करना बहुत बड़ी बात होती है, उसमें अपनों का भी साथ होता है पर हम भूल जाते हैं हम अपने अहंकार में भूल जाते हैं कि क्या खोया, क्या पाया , थोड़ी सी बात के कारण हम अपनों से दूरी बना लेते हैं। जो कि … Read more

तृप्ति -सविता गोयल  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi:  ” ये क्या भईया !! ना आपने सारे नाते रिश्तेदारों को न्योता दिया और ना ही भोज का आयोजन सही तरीके से रखा। समाज में क्या इज्जत रह जाएगी हमारी। अरे पैसे कम पड़ रहे थे तो एक बार बोल दिया होता मैं ही कुछ इंतजाम कर देता…. मेरे ससुर जी … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 27) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

“हह..हह..हह”…. विनया को अंजना के गले लगते देख और अंजना को उसकी पीठ सहलाते देख बड़ी बुआ के मुॅंह में धरा निवाला गले में जाकर अटक गया था क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि अभी अंजना विनया को खुद से अलग करके रसोई की ओर बढ़ जाएगी। लेकिन ये क्या अंजना तो उसे और जोर से … Read more

बिना सास के – विभा गुप्ता   : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi:   ” बाप रे देविका….आजकल की लड़कियों के तो नखरे भी गज़ब के हैं।कहतीं हैं कि हमें पति बिना माँ वाला चाहिये।अरे वाह! माँ अपने बेटे के साथ नहीं रहेगी तो और कहाँ रहेगी…।” सुमित्रा जी पानी पीती हुई अपनी सहेली को बता रही थी।      सुमित्रा जी को ईश्वर की कृपा … Read more

सुख-दुख अपने हाथ में – विभा गुप्ता   : Moral stories in hindi

 ” दीदी…दीजिये ना..पराँठे मैं बेल देती हूँ।” कहते हुए गरिमा अपनी जेठानी सुषमा के हाथ से बेलन लेने लगी।   ” अरे नहीं गरिमा..मैं कर लूँगी।तुम अपना नाॅवेल पूरा कर लो..इस समय तो तुम पढ़ती हो।” कहते हुए सुषमा ने गरिमा के हाथ से बेलन ले लिया और पराँठे बेलकर सेंकने लगी।       गरिमा को अच्छा नहीं … Read more

बदनुमा दाग ( भाग 4)- माता प्रसाद दुबे : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : “भैया एक बोतल पानी दें दीजिए” मालती प्रभात के बगल वाले दुकानदार से बोली। उस दुकानदार ने मालती को पानी की बोतल दे दिया। “यह दुकान कब खुलेगी?” मालती उस दुकानदार से बोली। “क्या बताऊं बहन जी, बहुत गलत हुआ है प्रभात भैया और उनके परिवार के साथ?” वह दुकानदार … Read more

बदनुमा दाग ( भाग 3)- माता प्रसाद दुबे : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : “लेकिन मैं सब कुछ जानकर तुम्हारी शादी राकेश से नहीं कर सकता” रामप्रसाद जी मालती को डांटते हुए बोली। “पापा !मैं राकेश से ही शादी करूंगी,नहीं तो मैं कुछ गलत कर लूंगी जिसके जिम्मेदार आप लोग होंगे” मालती धमकी देते हुए बोली। “ऐसे बात करते हैं अपने पिताजी जी से, … Read more

बदनुमा दाग ( भाग 2)- माता प्रसाद दुबे : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : “वह अपने कमरे में है बेटा! शांति देवी प्रभात को कमरे की ओर दिखाते हुए बोली। “ठीक है अम्मा!अभी मैं आपके और बाबूजी के पास आता हूं ” कहकर प्रभात अपने कमरे में चला गया गीता चुपचाप खड़ी प्रभात की ओर देख रही थी। रात के ग्यारह बज रहे थे, … Read more

बदनुमा दाग ( भाग 1)- माता प्रसाद दुबे : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : रामप्रसाद कस्बे के ईमानदार पढ़ें लिखे शरीफ आदमी थे,खेती उनका मुख्य पेशा था, कस्बे में उन्होंने एक दुकान भी खोल रखी थी,वे हमेशा दूसरों की मदद किया करते थे,पत्नी शांति देवी बड़ा बेटा प्रभात बेटी मालती बहू गीता नन्हा पोता अरूण उनके हंसते खेलते परिवार के सदस्य थे,सभी एक दूसरे … Read more

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