मेरा घर – सुनीता संधु : Moral Stories in Hindi

अरी मीणा, किन ख्यालों में खोई हो। जल्दी-जल्दी हाथ चलाओ और जल्दी खाना बनाओ। चांद निकलने वाला है। सुबह से करवा चौथ के व्रत के कारण हम भूखे हैं। अब तो खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा। पर तुम्हें क्या? सुबह से भरपेट खाया है। मजे हैं तुम्हारे। न व्रत रखना, ना भूखे रहना, थोड़ा … Read more

सीमा रेखा – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

विशाल के सीने से लगी सिया फूट फूट कर रो रही थी और बार बार मुझे माफ कर दो की रट लगाए जा रही थी… नाम के अनुसार हीं विशाल!विशाल हृदय का स्वामी भी था.. लगभग पैंतालिस साल की उम्र लंबा खूबसूरत ब्यक्तित्व के धनी धीर गंभीर विशाल की शादी सिया के साथ सत्रह साल … Read more

“मन की सीमा रेखा” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

हां तो भई… सभी लोग  हाल में आ जाओ, जीजी की बेटी की शादी में भात में हम लोगों को क्या-क्या देना लेना है उस पर विचार विमर्श कर लेते हैं, सभी सदस्य अपनी-अपनी राय अवश्य दें, शादी में मात्र एक महीना रह गया है, बहुत सारी तैयारी करनी है, नकुल ने अपने दोनों छोटे … Read more

रिश्तों में सोने की चमक नहीं प्यार की चमक जरूरी है – कमलेश आहूजा  : Moral Stories in Hindi

सरिता के बहू बेटे की शादी की पहली सालगिरह थी उसने पूरे उत्साह और अपनी हैसियत के अनुसार सालगिरह मनाई।कुछ नजदीकी रिश्तेदारों व आस पड़ोस के लोगों को भी बुलाया था।खाना उनके बेटे नीरज ने बाहर से ऑर्डर कर दिया था।सरिता ने बेटे नीरज को पैंट-शर्ट व बहु रिया को साड़ी और शगुन तोहफे में … Read more

छोटी सी ख़ुशी – विजय कुमार शर्मा : Moral Stories in Hindi

 मोनू ,राज और रीना का इकलौता पुत्र था ।उसे भरपूर लाड़ प्यार मिला था ,फिर भी वह बचपन से ही चिड़चिड़े और ग़ुस्सैल स्वभाव का हो गया था. उसके मम्मी पापा उसे समझाते पर उस पर कोई प्रभाव नहीं हो रहा था।मोनू की ज़िद और उसके माता पिता की चिंता बढ़ती जा रही थी कि … Read more

रिश्तो की मर्यादा – तान्या यादव : Moral Stories in Hindi

विनी के दिमाग का दही हो गया था वह परेशान हो गई थी आखिर क्यों सब उसके और विनीत के हर छोटे-मोटे बहस में शामिल हो जाते है, फिर वह सासू माँ हो या छोटा देवर छोटी ननद बात विनी के मायके की हो या विनी के और विनीत के बीच की सब लोगआकर दो … Read more

सीमालोघन रामू का – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  हे, पार्वती,तू तो चली गयी,और मुझे छोड़ गयी, इस जलालत भरे जीवन भोगने को।मैं इतना कमजोर क्यूँ हूँ, जो मरने से डर जाता हूँ।      पत्नी के फोटो के सामने खड़े शंकरलाल, ऐसे ही अक्सर अपनी पीड़ा अपनी स्वर्गीय पत्नी के फोटो के सामने व्यक्त करते रहते।बिल्कुल चुपचाप कमरे को बंद करके।पर कमरे की खिड़की से … Read more

गूंज तमाचे की! – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

नैना एक हफ़्ते की छुट्टियों में घर आई है। वह इलेक्ट्रिकल   इंजीनियरिंग सातवें सेमेस्टर की विधार्थी है। सेमेस्टर ब्रेक में घर आकर उसकी खुशी बातों से ही महसूस की जा सकती है। सारे घर में आज़ाद पंछी की तरह कभी इस कमरे में तो दूसरे ही पल अगले कमरे में पाई जाती है। बाबा … Read more

छोटी खुशियां – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

हवा में उड़ती गेंद आई और छत पर एक कोने में रखी… अचार की बरनी में इस तरह टकराई की बरनी दीवार से जा लगी… देखते-देखते उसमें से ताजा अचार की खुशबू के साथ-साथ सरसों का तेल बह निकला…  अम्मा अभी-अभी अचार को डब्बे में डालकर हाथ ही सुखा रही थी… आवाज सुन भागी आई… … Read more

समस्या का समाधान – शिव कुमारी शुक्ला   : Moral Stories in Hindi

नुपुर और दीपेश दोनों ही साफ्टवेयर इंजिनियर थे और दोनों अलग-अलग कम्पनी में कार्यरत थे। किसी कामन मित्र के घर पार्टी में दोनों का परिचय हुआ ।धीरे -धीरे बारबार मिलने पर उनकी दोस्ती गहरी हो गई। दोनों ही एक दूसरे के व्यक्तित्व से प्रभावित हुए और कब उनके दिल के तार जुड़ गए उन्हें भी … Read more

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