हर रिश्ता थोड़ा स्पेस मांगता है – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” देखो प्राची ये अनामिका पता नही इतना सज धज कर कहां जा रही है ?” प्राची अपने घर के दरवाजे पर खड़ी थी तब उसकी पड़ोसन नीतू उससे बोली। ” जा रही होगी किसी काम से या किसी फंक्शन में !” प्राची लापरवाही से बोली। ” अरे ये तो अपने मिस्टर के बिना कही … Read more

सीमा रेखा पार कर दी मैंने। – सुषमा यादव : Moral Stories in Hindi

शिवानी शादी के पहले से ही नौकरी कर रही थी, इसलिए वह अपने मायके में ही रह रही थी। उसके पति एक दूसरे प्रदेश में उच्च पद पर कार्यरत थे।  शिवानी के मायके में उसके तीन भाई मां और पिताजी उसके साथ रहते थे। सबकी प्यारी दुलारी शिवानी थी। उसके भाई भी उसका बहुत आदर … Read more

ग्लानि – रेणु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

दोपहर का खाना पीना निपटा, नौकरानी को घर भेज अंजुरी तनिक कमर सीधी करने लेट गई और कुछ ही देर में वह गहन निद्रा के आगोश में समा गई।  कब न जाने किस अबूझ  अनुभूति वश वह अचानक जाग गई और अपनी आंखों के समक्ष सुदूर बंगाल में रहने वाली अपनी सहोदरा पाखी को देख … Read more

ज़िंदगी चलने का नाम – मणि शर्मा : Moral Stories in Hindi

“अब मैं यह सब बर्दाश्त नहीं कर सकती ,हर समय तुम्हारी मम्मी के तानों से परेशान हो गयी हूँ “,कहते कहते मीरा साहिल के सामने रो पड़ी . “नहीं कर सकती तो जो चाहो करो ,जहाँ चाहो जाओ मैं भी रोज़ रोज़ की चिक चिक से तंग आ गया हूँ “,चीखता हुआ साहिल कमरे से … Read more

आखिर मेरे साथ ही यह सब क्यों होता है – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

अवंतिका के मन में आज बार बार यह प्रश्न उभरकर उसके सामने आ रहा था कि आख़िर मेरे साथ ही यह सब क्यों होता है । उसे याद आ रहा था जब वह दसवीं कक्षा में पढ़ रही थी । उसके प्री फ़ाइनल परीक्षा चल रही थी । उसकी वजह से माता-पिता ने उसे घर … Read more

बड़ा है तो क्या! – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 ” भाई…आप हद से आगे बढ़ रहें हैं..।” विनय चीखा।    ” अच्छा.. तो तू अब मुझे मेरी हद बताएगा।तूने अपनी ज़बान पर कंट्रोल नहीं किया तो मैं क्यों करूँगा…।” प्रकाश ने तमतमाते हुए कहा।         अपने दोनों बेटों को झगड़ते देख गायत्री जी का कलेजा छलनी हो रहा था।वो धम्म-से सोफ़े पर बैठ गईं और अपने … Read more

जीवन की वास्तविकता – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

कौशल्या देवी ने पति के गुजर जाने के बाद बड़ी कठिनाइयों  से अपने बेटे नरेश को पढ़ा-लिखा कर बड़ा किया था। बेचारी पढ़ी लिखी तो थी नहीं, जो उसे कोई नौकरी देता।उसे झाड़ू पोछा, बर्तन कटका का ही काम मिला। खुद अनपढ़ थी पर बेटे को पढ़ाना चाहती थी। कई बार सोच कर रो पड़ती … Read more

बेटे की आँखों में आँसू बहू ने ही तो दिए हैं….. – रश्मि प्रकाश: Moral Stories in Hindi

“ बहू अब क्यों नहीं कह रही …तू तो मेरा बहादुर बेटा है,रोना नहीं, क्योंकि लड़के रोते नहीं….।” सुलोचना जी अपनी बहू सुमिता जी से बोल रही थी…कहते कहते अपने पोते रितेश को देख उनकी भी आँखों में आँसू आ गए थे। “ बस माँ… अब और कितने ताने देंगी….अब अंदर से कोई कैसा निकलेगा … Read more

*पहली मुस्कान*- बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  बताओ ना चाचा मेरे साथ ही ऐसा सब क्यूँ होता है?अभागन हूँ ना,तभी तो?        अरे, नहीं-नहीं मेरी बच्ची,कौन कहता है तू अभागन है,देखना तेरे भाग से सब ईर्ष्या करेंगे।भगवान सब ठीक कर देंगे।        चाचा,मेरे मन को तस्सली दे रहो ना,जबकि आप जानते हो,मेरे आगे आगे मेरा दुर्भाग्य ही चलता है।चलना भी सीखा नही था कि … Read more

“जज सब अपराधों की सजा एक साथ दे देता है “- बिमला महाजन : Moral Stories in Hindi

लगभग डेढ़ वर्ष से हम बेटे -बहू के साथ जयपुर रह रहे हैं। पारिवारिक  परिस्थितियां कुछ ऐसी बनी हुई हैं कि हम लोग वापस अपने घर पटियाला जा ही नहीं पाए। पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अति वृष्टि के कारण एकाएक पटियाला शहर के एक प्रमुख इलाके में बाढ़ आ गई और हमारे … Read more

error: Content is protected !!