ये कैसा नाता? – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“मां, मैं अभी शादी नहीं करूंगी…अभी मेरी पढ़ाई पूरी नहीं हुई है…कितनी बार आपको कहा मैंने…” रुचि ,अपनी मां ममता का विरोध करती बोली जब उन्होंने राजेश का रिश्ता उसके लिए बताया। ममता को गुस्सा आ गया था…”कितनी बार कह चुकी हूं कि तेरे पापा वहां" हां "कह चुके हैं,अब कुछ नही हो सकता… मैं … Read more

दिल पर कोई ज़ोर चलता नहीं है – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

रेवती अपने कमरे में लेटी हुई थी । सुजीत रसोई में चाय बना रहा था कि रेवती ने उसे पुकारा कि एक बार इधर आओ ना आपसे बात करनी है । वह कई दिनों से सुजीत को अपने मन की बात बताना चाहती थी लेकिन हर बार वह अपनी बात दिल में ही रखकर चुप … Read more

मतभेद – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

नमिता घर के कामों में मशगूल थी तभी डोर वेल बजी । नमिता ने दरवाजा खोला तो देखा सामने कोरियर वाला था। उसने एक  लिफाफा पकड़ाया नमिता को और चला गया । नमिता ने जब अंदर आकर लिफाफा खोला तो देखा दूसरे भतीजे की शादी का निमंत्रण कार्ड था ।र्काड देखकर नमिता थोड़ी असमंजस में … Read more

विवाह त्रासदी – चम्पा कोठारी : Moral Stories in Hindi

बीना अक्सर ही अपनी मौसेरी बहन  सविता के घर आती रहती है। एक तो दोनों बहनें एक ही शहर में पास पास ही रहती हैं। बीना उम्र में सविता से छोटी है पर वह अपने दोनों बच्चों के शादी ब्याह से निबट चुकी हैं।वहीं सविता के दोनों बेटों की शादी अभी तक नही हुई। सविता … Read more

मतभेद – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

सुनिए… आप जरा ऑफिस से जल्दी आ जाना… राशन खत्म हो गया है… वह लाने चलेंगे… पदमा ने अपने पति रवि से कहा  रवि:   क्या राशन खत्म..? वह भी महीने के बीच में..? पर मैं तो राशन पूरे महीने का ही लाता हूं ना…? ऐसे कैसे बीच में ही खत्म हो गए..? पदमा:   … Read more

दिमाग की खिड़कियाँ – सुधा भार्गव : Moral Stories in Hindi

“रानी ओ रानी …अरे  कहाँ ग़ायब हो गई।”  गहरी सांस  लेने के बाद फिर कर्कश आवाज —”  “अरी कान में तेल डाल कर बैठी है क्या !लगे निगोड़ी को  सुनाई देना ही।बंद हो गया है।”  “माँ  चिल्लाओ मत। सोमवार को मेरी परीक्षा है मुझे बहुत काम  है।”   “परीक्षा गई तेरी भाड़ में ।अपनी किताब समेट!भर  … Read more

अभिनय की कसौटी – लतिका श्रीवास्तव  : Moral Stories in Hindi

आज फिर ढाक के वही तीन पात …नौकरी नहीं …!! कितनी एडियां रगड़ी कितनी मिन्नतें की पर बिना सिफारिश बिना ऊंची पहुंच के आज के जमाने में मुझे कौन नौकरी दे देगा।प्रतिभा है मेरे अंदर आखिर तीन वर्षो तक लगातार  पूरे कॉलेज का बेस्ट एक्टर मुझे ही चयनित किया जाता रहा है स्कूल में भी … Read more

थैंक्स पापा! – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 ” बस आरव, बहुत हो चुका…अब मैं तुम्हारी तानाशाही हर्गिज़ नहीं सहूँगी।” निशा लगभग चीखते हुए बोली।  ” हाँ तो…मैं भी अब तुम्हारी गुलामी बर्दाश्त नहीं कर सकता।आरव.. ये मत करो..ऐसे नहीं बैठो..ये मत खाओ..तंग आ चुका हूँ तुम्हारी इस दादागिरी से..।”आरव भी उसी लहज़े में बोला तो निशा भड़क उठी,” अच्छा…शादी से पहले तो … Read more

प्यार भी तकरार भी – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“शीला, हद होती है किसी चीज की| आज तो तुमने कंजूसी की सारी हदें ही पार कर दी| क्या करोगी इतने पैसे बचाकर? रवि गुस्से से उबल रहा था| “पर,पहले बताइए तो मैंने किया क्या है?” “मेरे स्टेटस का तमाशा बना कर रख दिया है| दोस्तों के बीच मजाक बनकर रह गया हूँ| जब मैं … Read more

अब तो कह ही दो – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

सुवर्णा , कहां हो तुम , ये पेपर साइन करने थे, मीटिंग के लिए देर हो रही है,। सोमेश्वर , मैंने कहा था न,कि अब मेरे साइन की जरूरत नहीं है, तुम स्वयं ही सब देख लिया करो। मैंने भी कहा था न, सुवर्णा, तुम अगर मेरी बात नहीं मानोगी, तो मैं यह कैसे कर … Read more

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