खुशियों की नई परिभाषा – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

आज मन बहुत अशांत था। बचपन और माँ बहुत याद आ रही थी । सुनने वाले बोलेंगे पचपन में बचपन क्यों याद आना..। पर शायद हर इंसान के दिल में एक बच्चा छुपा होता है,जब दिल पर चोट पड़ती तो, उसे अपना बचपन और माँ शिद्दत से याद आते । पत्नी के मन की उथल … Read more

कबीरा गर्व न कीजिए ! अभी नाव मझधार !! – बिमला महाजन : Moral Stories in Hindi

  राधिका के घर किट्टी पार्टी थी। किट्टी पार्टी में  होने के लिए सभी महिलाएं अपनी बेहतरीन ड्रेस में सज धज कर समय से पूर्व ही पहुंच चुकी थी। सब की नजर घड़ी पर थी ।  ” ग्यारह बज गए हैं चलो जल्दी से पंक्चुअलिटी निकालो  ” मिसेज मेहता ने कहा ।  इस बार  मिसेज सोनी … Read more

सास बिना कैसा ससुराल – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज शिखा को किटी पार्टी में जाना है ।वो अपने तीन साल के बेटे को तैयार कर रही है साथ ले जाने को । तैयार करते करते बार बार झुंझला जा रही है देर हो रही है घर में कोई है भी तो नहीं कि मोनू को उसके पास छोड़ दूं । फिर भी जब … Read more

पिघलती बर्फ – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आज फिर शांति बुआ आनेवाली थी,मैं तो खुश था,पर मम्मी अशांत थी।शांति बुआ यूँ तो हर वर्ष 15-20दिनों के लिये आती ही थी,मेरी उनसे खूब पटती थी,मैं उनसे भगवान राम,कृष्ण लीला एवं रावण,कंस वध आदि आदि की कहानियां सुना करता,मुझे ये कहानियां सुनने में खूब मजा आता था,बुआ भी खूब चाव से सुनाती थी। उन्हें … Read more

कंलक लग जाता – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

राजन खोसला को स्टेज़ पर देख कर दीक्षा कहीं खो सी गई थी।वो अपने जीवन के 10 साल पहले के बीते समय में खो गई थी। तभी कानों में उसके आवाज आई दीक्षा भार्गव प्लीज़ स्टेज पर आएं । आपने ,(छोटी बच्चियों पर गलत निगाह रखने वाले पर क्या कार्रवाई हो )इस विषय पर प्रतियोगिता … Read more

अशांति – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

 सुवर्णा मां बनने वाली है जब से टेस्ट रिपोर्ट देखने के बाद लेडी डॉक्टर  शुभ्रा बनर्जी  ने कन्फर्म किया, सुवर्णा अंदर से सिहर सी गई.. धीरे धीरे #अशांति #भय और घबराहट परछाई की तरह उसे घेरने लगी . सामान्य सी बात पर भी सुवर्णा अशांत हो जाती… पति  सुजीत के साथ मात्र दो महीने रह … Read more

शांति से अशांति भली – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मजाल है जो इस घर में 2 मिनट की भी सांस ले ले, खुद तो महारानियां खा पी कर अपने-अपने कमरों में सो गई है और यहां बच्चों को छोड़ दिया है मेरी नींद हराम करने के लिए, जाओ बच्चों बाहर जाकर खेलो थोड़ी देर, अभी दादी  आराम करेगी, लेकिन दादी बाहर तो बहुत धूप … Read more

कलंक – अनिल कुमार : Moral Stories in Hindi

” बापु वह कौन हैं..?” ” वह तो माँ हैं बिटीया, देवी माँ।” ” किसकी माँ बापु.?” “हम सबकी माँ मेरी बच्ची।” “क्या वह खाना बनाती हैं..?” अपनी छह साल की बेटी, चकोर की बातें सुनकर हरिया मुस्कुराया।  “नहीं बेटा, यह माँ खाना तो नहीं बनाती पर खाना बनाने के लिए जो अनाज आवश्यक होता … Read more

मूंगा की लाली – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

आकाश में चांद रजत थाल के समान लटका हुआ है…उज्जवल धवल चांदनी चहुंओर फैली हुई है…मूंगा के आंखों में सुनापन…नींद कोसों दूर…     भविष्य का पता नहीं….बेमुरव्वत वर्तमान… और अतीत में उलझा बावडा़ मन…  बाल-विधवा …मूंगा.. न नैहर में कोई न ससुराल में…आगे नाथ न पीछे पगहा…    दुसरों का सेवा-टहल कर उसने अपनी आधी उम्र व्यतीत … Read more

कलंक –  रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

अभी नर्मदा जी को दो-तीन दिन आईसीयू में ही रखना पड़ेगा… उसके बाद ही उनकी हालत के बारे में अच्छे से बता सकते हैं… उन्हें दिल का दौरा पड़ा है… डॉक्टर ने रोहित और आंचल से कहा… डॉक्टर यह सब कह ही रहे होते हैं तभी रोहित की बहन राधिका दौड़ती हुई वहां आई और … Read more

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