अहंकार की दीवार…. – शिप्पी नारंग : Moral Stories in Hindi

“पापा ..अगले महीने कंपनी मुझे एक साल के लिए जर्मनी भेज रही है, प्रोजेक्ट है तो  एक टीम जा रही जिसमें मेरा भी नाम है” वैभव ने खाना खाते समय अपने पापा राम कपूर से कहा-   “अगले महीने..? तुझे पता है ना दो महीने के बाद शिखा की शादी है तू कैसे जा सकता … Read more

नाराज – स्वाती जितेश राठी : Moral Stories in Hindi

बस बहुत हुआ अब ओर नहीं ना एक शब्द  ना एक और दायित्व   कुछ नहीं । कुछ नहीं करेंगे अब मेरे माँ पापा  किसी के लिए भी सिवाय नानी माँ के  क्योंकि  वो उनकी जिम्मेदारी है जो उन्होंने अपने पूरे मन से ली है और सच्चे मन से निभा भी रहे है।पर आप लोग … Read more

समर्पण – दिक्षा दिपेश बागदरे : Moral Stories in Hindi

मीठी की शादी एक समृद्ध परिवार में हुई थी। पति विवेक एक सरकारी महकमे में बड़े पद पर कार्यरत थे। मां और पिताजी दोनों ही बहुत सुलझे हुए विचारों के थे।  मीठी आज बहुत खुश थी। आज उसकी पीएचडी कंप्लीट हो गई थी। अभी-अभी वह यह खुशखबरी मां को सुना कर घर (ससुराल) आई थी।  … Read more

‘ जायदाद पर हक ‘ – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

“सीमा,ये बाऊजी के मकान के पेपर्स हैं रख लो।”स्नेहा ने सभी रिश्तेदारों के सामने अपनी नन्द को ससुर के मकान पेपर्स दिए तो वो तुरंत उठकर आई और भाभी के हाथ से पेपर्स ऐसे झपट लिए मानों कबसे इनका ही इंतजार कर रही थी।झूठे मुँह को भी नहीं बोला,कि मुझे मकान के पेपर्स नहीं आपका … Read more

भाई का हक – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

नीलू इस बार छुट्टियों में लंबे समय के लिए आई थी।आते ही घर की पूरी व्यवस्था संभालना उसका शौक था।छब्बीस की हो रही है।नौकरी करती है। स्वावलंबी है,समझदार भी।पिछली बार फोन में मधु(मां)ने समझाया था “नीलू,अब शादी करने का समय आ ही गया है।अब तुम्हें खुद को मानसिक रूप से तैयार करना शुरू कर देना … Read more

प्रेम का हक… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“बरसात आ गई… आप इस बार भी छत की मरम्मत नहीं करवा सके… बताइए जिस पानी के लिए लोग तरसते हैं… उसी पानी को देखकर मेरी आंखों में पानी आ जाता है…!”  रीमा का घर काफी पुराना हो गया था… छत का जो हिस्सा उसे मिला था… उसकी मरम्मत बनने के बाद से कभी नहीं … Read more

पापा जल्दी आ जाना – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

रात के 2:00 बजे थे, लेकिन जबसे अवधेश ने अपने बेटे का फोन पर टूटी फूटी  भाषा में आया पत्र पढ़ा है कि पापा जल्दी  आ जाना,अवधेश की आंखों से नींद कोसों दूर थी। सब कुछ ठीक-ठाक ही तो चल रहा था दोनों की जिंदगी में पर, पता नहीं किसकी नजर लग गई, ना जाने … Read more

कैसा हक़ – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

हक़,किस हक़ की बात कर रही हो तुम , हक़ पाने के लिए हक़ जताना भी पड़ता है, हक़ के साथ साथ कुछ जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती है तब जाकर मिलता है । ऐसे हक़ हक़ चिल्लाने से नहीं मिलता हक़ आलोक जी बोले।जाओ तुम यहां से जिससे शादी की है उस पर हक़ जताओ … Read more

हक़ – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

” नीतू  तुम  अब छोटी बच्ची नहीं एक बेटी की माँ हो, थोड़ा बड़प्पन दिखाओ। क्या हर समय अपनी  ही बड़ी बहन से तुलना करती रहती हो? “ “पापा मैं उसे अपनी बड़ी बहन नहीं मानती… आप और मम्मी भी उसे अधिक प्यार करते हो। इसीलिए उसकी शादी बैंक मैनेजर से की और मेरी एक … Read more

जैनरेशन गैप – मधु वशिष्ठ   : Moral Stories in Hindi

स्कूल के स्टाफ रूम में लंच टाइम में सारी टीचर्स चाय की चुस्कियां लेती हुईं अक्सर अपनी बहुओं या सासों की बुराई करती हुई देखी जा सकती थीं। भावना मैडम को ऐसा करना बिलकुल अच्छा नहीं लगता था, वह यही सोचती थी कि बहु या सास का अच्छा या बुरा होना केवल और केवल हमारे … Read more

error: Content is protected !!