मंगला मुखी (भाग-13) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

उन सभी को अच्छी तरह मालूम था कि उनका यह निर्णय उन सभी पर बहुत भारी पड़ेगा। जो समाज, रिश्तेदार, माता पिता, मित्र बुरे समय में उनसे दूर हो गये थे, उन सबको एक किन्नर का इन लोगों के साथ रहना कभी पसंद नहीं आयेगा। सबसे ज्यादा हंगामा तो वीथिका के भाई भाभी मचायेंगे। भले … Read more

मंगला मुखी (भाग-12) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

आखिर वह दिन आ गया जब वैदेही को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। डॉक्टर सौरभ ने उन्हें घर भिजवाने के लिये अपने नर्सिंग होम से ही एम्बुलेंस की व्यवस्था कर दी‌। जाने के पहले कदम्ब के साथ वीथिका को बैठाकर सब कुछ समझाया – ” आज तुम्हारी बेटी स्वस्थ होकर जा रही है और सच … Read more

मंगला मुखी (भाग-11) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

डॉक्टरों की टीम को आते देखकर कदम्ब और वीथिका आगे बढ़े तो उन्होंने कदम्ब के कंधे पर हाथ रखा – “आपरेशन सफल रहा। अब चिन्ता की कोई बात नहीं है। बहुत उचित समय पर आपरेशन हो गया लेकिन बच्चे को होश में आने में अभी समय लगेगा। उसे वार्ड में शिफ्ट कर रहे हैं, आप … Read more

मंगला मुखी (भाग-10) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

मीटिंग में डॉक्टर सौरभ कुलकर्णी ने सबके समक्ष अपनी बात रखी और साथ ही यह भी बताया कि इस बच्चे के इलाज में उसके पापा की विशेष रुचि है। सौरभ कुलकर्णी जानते थे कि उसके सभी मित्र डॉक्टर इसके पापा का बहुत सम्मान और आदर करते हैं। उपस्थित सभी डॉक्टरों ने अपनी ओर से पूर्ण … Read more

मंगला मुखी (भाग-9) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

कुलकर्णी जी के बताये अनुसार कदम्ब और वीथिका सुबह ही वैदेही को लेकर डॉक्टर सौरभ के बंगले पर पहुॅच गये। आज कुलकर्णी जी का गेट एक नौकर ने खोला। सामने  वृद्ध कुलकर्णी जी एक कुर्सी पर बैठे थे।ऐसा लगता था कि जैसे वह उन दोनों की ही प्रतीक्षा कर रहे थे। भीतर जाकर कदम्ब और … Read more

मंगला मुखी (भाग-8) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

कदम्ब और वीथिका के मन में एक झिझक और डर था – ” तुम भी साथ चलो मौसी। हम लोग कैसे इतने बड़े डॉक्टर के यहॉ जायेंगे, कहीं बात सुनने के पहले ही अपमान करके भगा दिया तो।” ” अगर भगा देंगे तो क्या हुआ? तुमसे कुछ छीन तो लेंगे नहीं लेकिन अगर मान गये … Read more

मंगला मुखी (भाग-7) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

वीथिका फूट फूटकर रोने लगी तो रेशमा ने आगे बढ़कर उसे अपने गले लगा लिया और उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुये चुप कराया। फिर वैदेही को गोद में लेकर उसको आशीर्वाद देते हुये कहा – ” जिसका कोई नहीं होता, उसका भगवान होता है। जब सब रास्ते बंद हो जाते हैं तो वह कोई … Read more

मंगला मुखी (भाग-6) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

एक बार गई तो पता चला कि उसके पापा का वहॉ से स्थानान्तरण हो गया है। उसके बाद उसे कभी पता नहीं चला कि उसका परिवार कहॉ चला गया और उसने भी दिल पर पत्थर रखकर कभी उन्हें ढूंढने का प्रयास नहीं किया। क्या करती, वह तो पहले ही उस परिवार से डाली से टूटे … Read more

मंगला मुखी (भाग-5) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

वीथिका उठकर अन्दर गई और एक गिलास में पानी ले आई।  रेशमा को देते हुये उसने कहा – ” अगर मेरी किसी बात से आपका दिल दुखा हो तो मुझे क्षमा कर दीजिये।” ” नहीं, तुम माफी मत मॉगो, तुम्हारी कोई गलती नहीं है। यह हमारी नियति है जिसे भोगना ही हमारा प्रारब्ध है।” फिर … Read more

मंगला मुखी (भाग-4) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

और सचमुच जब से कदम्ब और वीथिका ने बच्चे का जन्म शहर में करवाने का अपना निर्णय अम्मा को बताया तो अम्मा – बाबू दोनों बहुत नाराज हो गये – ” तुम तो ऐसे कह रहे हो मुन्ना जैसे गांव में सारी औरतें बच्चे पैदा करने में मर ही जाती हैं। कुछ नहीं होगा। तुम … Read more

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