सुलक्षणी बहू – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

माधवी जी का बेटा पढ लिख नौकरी में लग गया था। अब उन्हें उसकी शादी की चिन्ता हुई। सोचने लगी कि पहले का जमाना तो रहा नहीं जो लड़कों के रिश्ते घर बैठे आ जाते थे। छोटी  उम्र  की लड़कियां होती थीं  जो ससुराल में सामंजस्य बैठा ही लेतीं थीं। किन्तु अब परिस्थितियां  भिन्न हैं। … Read more

कर्जदार – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

मधु की शादी को अभी कुछ ही दिन हुए थे उसने देखा उसकी ननद  तनु चलने मैं असमर्थ थी  लेकिन सहारा ले कर थोड़ी दूर चल लेती थी ।पर फिर भी घर के लोगों ने उसे दूसरों पर निर्भर बना दिया उनको लगता कहीं गिर न जाए या उसे ऐसा नहीं लगे की कोई उसका … Read more

घर वापसी – सोनिया अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

नीता जी की सारी उम्र और साधारण औरतों की तरह घर में दो की चार बनाने में ही निकल गई। एक सोलह वर्षीय लड़की ने कभी नही सोचा था की एक बार जो गृहस्थी में पड़ेगी तो उसके बाद पलट कर अपनी जिंदगी फिर से नही जी पाएगी। सुंदर कोमल रुई की तरह अध नैनो … Read more

मैं वापस आ रहा हूं – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

पापा …आप बार-बार अपनी शादी की सीडी चला चला कर क्यों देखते हैं और उसको देखने के बाद हमेशा इमोशनल हो जाते हैं, पापा आपको अपनी शादी की सीडी देखकर दादा दादी और बुआ की याद आती है ना, कई बार आपको अकेले में रोते हुए भी देखा है, पापा मैं इतनी बड़ी तो हो … Read more

हम लोग भाग्यशाली हैं जो हमें समझदार बहू मिली – क़े कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

वेंकट राव और पार्वती दोनों में वाद विवाद चल रहा था। वेंकट राव ने पार्वती से चाय माँगी तो पार्वती चाय लेकर आई उन्होंने चाय की एक घूँट पी और थूक कर कहने लगे कि तुम चाय में शक्कर क्यों नहीं डालती हो। पार्वती ने कहा कि आपको शुगर की बीमारी है कल ही तो … Read more

तुम्हारी खुशी में ही मेरी खुशी है – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

राखी सुबह के वक्त रसोई में खाना बना रही थी। तभी उसकी बड़ी बहन रश्मि का फोन आया। उसने राखी से उसकी कुशल मंगल पूछी तो वह बोली ‘मैं ठीक हूं परंतु आज मैंने गुस्से में भाभी को डांट दिया।’ यह सुनकर रश्मि ने राखी से पूछा ‘तूने भाभी को क्यों डांटा ?’    तब राखी … Read more

भरोसे का पोस्टमार्टम -संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

    अरे , आज इस समय दीदी का फोन… वो तो कभी वक्त बेवक्त फोन करती नहीं है , फिर.. सब ठीक तो है ना …अनेक आशंकाओं के मध्य श्रुति ने धीरे से कहा… हां दीदी , बोलिए… क्या कर रही है श्रुति …? आज मैंने इस समय फोन लगा लिया है …तू फ्री तो है … Read more

नहीं भैया हम चोर नहीं हैं!! – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

“बड़े भैया बुआ जी नहीं रहीं !”यह कहकर बल्लू फूट-फूट कर रोने लगा। “अरे कब हुआ ,,, क्या हुआ अचानक ?” “कल तक ठीक थी बड़े भैया रात में अचानक की सांस लेने में कुछ ज्यादा ही तकलीफ होने लगी और देखते ही देखते बल्लू आगे कुछ नहीं कर पाया। वह फूट-फूट का रोने लगा। … Read more

“ठेस” – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

यह कहानी शारदा नाम की औरत की है जो बिहार के छोटे शहर से मुंबई जैसे बड़े शहर में अपने पति के साथ बेटे के इलाज के लिए आई और फिर क्या हुआ आगे पढ़िए :- शारदा तीन बच्चों की मां थी दो जुड़वा बेटा गोलू, मोलू और एक प्यारी सी बेटी अक्षरा। पति शरद, … Read more

कारगिल_एक_प्रेमकथा (भाग-20) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

अब तक आपने पढ़ा- उवर्शी जो कि मेजर पांडे से प्रेम करती थी, उससे सगाई भी हो चुकी थी, उनके करगिल युद्ध में शहीद हो जाने के बाद गुड़गांव के व्यवसायी विनोद त्रिपाठी से विवाह करती है, यह विवाह असफल होने के बाद वह अपने पैतृक गाँव झिरपा में खेती-बाड़ी करने लगती है।उसने अपनी मदद … Read more

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