घर वापसी – सांची शर्मा : Moral Stories in Hindi

केशव माधव के लिए आज का दिन किसी दिवाली से कम नहीं था क्योंकि आज उनकी मां जानकी की, मौत को हराकर अपने बच्चों के पास घर वापसी जो हुई थी। कितने खुश हैं उनके परिवार में आज सब। अरे हेमा जी क्या बस अपने दोनों लाड़़लो को ही मीठा खिलाओगी, आज तो हम भी … Read more

“बहू हो तो ऐसी” – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

मघु जी के पति भरी जवानी में उन्हें और उनके दोनों बच्चों मयंक और मीनू को छोड़कर चल बसे थे जब वे केवल आठ और छः साल के थे! पति की सरकारी नौकरी के कारण उनके जाने के बाद उन्हें पेंशन मिलने लगी!उनके ससुराल का घर था!यही गनीमत थी! उन्होंने उसी स्कूल में नौकरी कर … Read more

औपचारिकता – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

संध्या जी की दोनो बेटियाँ जया और प्रिया एक ही शहर बनारस में ब्याही हुई थीं । ईश्वर की दया से दोनो दामाद वैभव और नितिन स्वभाव से बहुत अच्छे थे । एक बेटा शिवम जो दोनों बहनों से छोटा है ।  उसकी पत्नी साक्षी जो बहुत ही मेहनती और स्वभाव व विचारों से बिल्कुल … Read more

ओल्ड एज होम – रोनिता : Moral Stories in Hindi

हेलो प्रकाश जी… आपके पापा काफी दिनों से बीमार है… आपको पहले भी बताया था… पर आप आए नहीं… पर अब उनकी हालत ज्यादा ही खराब है… बस अंकुश को बुलाने को कह रहे हैं और घर वापसी के लिए भी बोल रहे हैं… लगता नहीं अब वह ज्यादा दिनों तक जीवित रहेंगे… वह शायद … Read more

परंपरा – डॉ. जय प्रकाश प्रजापति : Moral Stories in Hindi

जानकी विदा होकर पहली बार ससुराल आई थी। आते वक्त उसकी माँ ने समझाया था कि बेटी अब तुम्हारा घर ससुराल ही है। जो सास, ससुर पति जैसा कहें करना, क्योंकि ससुराल वालों की नाक बहुत ही होती है। मेरा ज्यादातर जीवन शहर मे ही बीता था। मेरे मामा जी शहर में ही रहती थी, … Read more

घर – डॉ हरदीप कौर : Moral Stories in Hindi

शुक्रवार का दिन था। शाम का समय था।अगले दिन खुशी ने दूसरे शहर में नौकरी शुरू करने के लिए जाना था। उसके पास जाने के लिए एक रुपया तक नहीं था पर उसके पास पांच- पांच के सिक्कों से भरी हुई एक मिट्टी की गुल्लक थी। जो उसने बुरे से बुरे समय में भी बचाकर … Read more

घर वापसी – पूजा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

डैड मुझे मास्टर्स तो यू बी सी ( ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी ) से ही करना है ,कंप्यूटर साइंस में ,दो सितंबर से पहले मुझे जाकर ज्वाइन करना है । आप चलोगे अपने वैंकुवर शहर को देखने रियान ने पूछा   “क्यों नहीं माय सन  ,जरूर चलूंगा कितने साल बिताए है वहा मैंने सच मोस्ट ब्यूटीफुल प्लेस … Read more

क्या इसे खुशी कहते हैं – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

” हमारे बीच अब कुछ नहीं बचा… सड़ गया है हमारा रिश्ता… अंदर ही अंदर खोखला… सड़ा हुआ… इस रिश्ते को और कितना निभाऊं …बोलो दीदी… कला और मैं अब कभी नॉर्मल हस्बैंड वाइफ नहीं हो सकते…!” ” पर अनूप… क्या इस तरह बीच राह में एक लड़की का हाथ छोड़ दोगे मेरे भाई… क्या … Read more

घर वापसी – लक्ष्मी कानोडिया : Moral Stories in Hindi

निधि का ससुराल और पीहर दोनों पास ही था। वह जब जी चाहे अपने पीहर आ जाती थी। उसके मां-बाप को बुढ़ापे में अकेलापन ना लगे इसलिए उन्होंने अपनी लड़की की शादी लोकल में ही कर दी थी।  निधि के भाई की शादी को तीन-चार साल हो गए थे तथा निधि के माता-पिता निधि के … Read more

घर वापसी – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

आज सुनंदा जी बडी़ ही खुश थी कि उनका बड़ा बेटा लेने आ रहा था। वह अपनी पैकिंग ऐसे कर रही थी जैसे हमेशा के लिए जा रही हो, हमेशा वही रहना हो , हो भी क्यों न खुश ….आखिर बड़ा बेटा कितने समय से बुला रहा था। कि आप हमारे साथ क्यों नहीं रहती … Read more

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