“रिश्तों के रंग–पैसों के संग” – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi
गोपाल जी की शानदार हवेली हजारों लाखों रंग बिरंगी लड़ियों की रोशनी से जगमगा रही थी!ठंडी हवा के साथ उड़ती फूलों की खुशबू फिजा में नशा सा घोल रही थी! सरसराते लहराते रेशमी दुपट्टे,हीरे जवाहरातों की नुमाईश करते मेहमानों की आवाजाही तैयारी में चार चाँद लगा रही थी! मेहमानों को लेकर लंबी लंबी एक से … Read more