तुम सही थी – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi
पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी से नहाया हुआ था। पटाखों और बच्चों के शोर अंदर कमरे तक सुनाई दे रहें थें लेकिन दीनदयाल जी अपने कमरे में पत्नी शकुंतला की तस्वीर के आगे बैठे एकटक उन्हें निहारे जा रहें थें।नम आँखों से उनसे शिकायत करने लगे,” मुझे अकेला छोड़कर तुम क्यों चली गई…पिछली दीपावली पर तुमने … Read more