पापा मैं छोटी से बड़ी क्यूं हो गई – सुनीता परसाई : Moral Stories in Hindi

रवि व सुषमा की शादी को पाँच साल हो गये थे।सब सवाल करते क्या बात है।कब तक की प्लानिंग है।वे दोनों बच्चे के लिए परेशान थे। पाँच साल बाद सुषमा के पांँव भारी हुए। घर में खुशी की लहर छा गयी। परिवार वाले सभी उसका ध्यान रखते। रवि रोज आफिस से आते समय सुषमा की  … Read more

आवाज उठाना – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

गरीब परिवार की मातृहीन ऊषा शादी के बाद ससुराल आ गई। संपन्न ससुराल पाकर ऊषा को अपने भाग्य पर रश्क होता था।कुछ समय बाद ऊषा पति  अजय के साथ शहर आ गई। कम पढ़ी-लिखी ऊषा के लिए पति देवता समान था।वह  जी-जान से पति को खुश रखने की कोशिश करती,परन्तु यहाँ आकर उसे पति के … Read more

“पापा मैं छोटी से बड़ी हो गई क्यों” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

अरे गुड्डन की मां जरा देखो तो मैं क्या लेकर आया हूं अपनी गुड्डन के लिए? घर में घुसते ही देवेंद्र जी ने अपनी पत्नी सुनैना को आवाज़ लगाई। सुनैना अभी आई कहकर रसोई में से अपने आंचल से अपने हाथ पहुंचती हुई आई तो देखा। देवेंद्र जी अपने हाथ में एक सोने की चेन … Read more

रिश्ते निभाना – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। मोहल्ले में भी शादी है इसलिए सभी घरों में थोड़ी सी चहल-पहल है शादी को लेकर। महिलाएं भी उत्साहित है। हल्दी के लिए पीले और मेहंदी के लिए हरे कपड़ों का चुनाव कर रही हैं। अब नया चलन हो गया है। शादी में भी अड़ोसी पड़ोसी सहपरिवार ही … Read more

बहू से बेटी और बेटी से बहू तक का सफर – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

नहीं बहू नहीं जाएगी और यही मेरा आखिरी फैसला है, मुझे और कोई बहस नहीं करनी। जानकी जी ने चिल्लाते हुए कहा  निशांत:  फिर ठीक है, अब जब आपने फैसला कर ही लिया है फिर तो कोई आगे बात करने का कोई मतलब ही नहीं। सोनम तुमने सुन लिया ना? अब मेरे कान के सामने … Read more

*पंखहीन परी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    देखो बेटी,तुम इस घर की बडी बहू हो,इसलिये तुम्हे अपने मायके के बचपने को छोड़ना होगा।तुम्हारी ननद, तुम्हारे होने वाली देवरानी सब तुम्हे ही देख कर आचार विचार रखेंगे।     जी-माँ जी।       रीता की रितेश से शादी अभी दो माह ही पूर्व हुई थी।रितेश अपने घर मे अपने भाई व बहन से बड़ा था,इस कारण रीता … Read more

परफेक्ट मैच – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

दोस्तों कहते हैं जोड़ियां तो ऊपर से बनकर आती है बस हम या आप तो उन्हें मिलाने का जरिया मात्र बनते हैं। कुछ जोड़ियों को देख हमारे मुंह से निकलता है वाह !क्या खूबसूरत जोड़ी है । पर कुछ जोड़ियां खूबसूरत भले ना हों पर उनका सच जान मुंह से यही निकलता है वाह ! … Read more

गहरा रिश्ता – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

जाने किस घड़ी में इसे पसंद किया था, मेरी तो मति ही मारी गई थी जो मै इसे बहू बनाकर लाई, एक काम भी ये ढंग से नहीं करती है, पता नहीं कैसे घर संभालेंगी? इसके तो खुद के ही काम नहीं होते हैं।’ मंजुला जी बड़बड़ कर रही थी, लेकिन सोनिया पर कोई असर … Read more

“ आई लव माय सासू मां “ – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मालती.. पूरे 6 महीने हो गए हैं गुड़िया की शादी को ,इन 6 महीनो में तीन चार बार वह यहां आ भी गई किंतु इस बार तो पूरा एक महीना हो गया जब वह आई थी, बड़ा मन कर रहा है उसे देखने का वैसे तो हर समय अपने ससुराल की प्रशंसा करती है किंतु … Read more

आखिरी फैसला – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

अपनी आंखों में आंसू भरकर नंदिनी अपने बिस्तर पर बैठी हुई थी…संज्ञा शून्य सी!! ऐसा लग रहा था कि उसके शरीर के सारे रक्त सूख गए हैं ।उसका दिमाग भन्ना रहा था । कई बातें उसके दिमाग और मानस पटल पर दौड़ रही थीं । “क्या करूं मैं ?अपने माता-पिता को क्या जवाब दूंगी मैं?” … Read more

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