बेदखल – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

पंकज सात भाईयों के बीच में सबसे छोटा बेटा था।पढ़ाई में मन लगता नहीं था,तो एक दुकान में जाकर काम करने लगे थे।कोठी बड़ी थी।सभी भाईयों के कमरे अलग-अलग थे।पंकज सारा दिन भटकता रहता था।खाना मांगने पर खुद की मां कुमाता बनकर कहती”कब तक मूंग दलेगा हमारी छाती में?इन सारे बच्चों के पिता कमाते हैं, … Read more

आखिरी फैसला – एकता बिश्नोई : Moral Stories in Hindi

“अगर जाना है तो तू कहीं चला जा…नेहा कहीं नहीं जाएगी”…। “मगर माँ…..मैं कहांँ जाऊँगा…. ये मेरा घर है” ..। “तो नेहा भी क्यों कहीं जाएगी..बहू है वह इस घर की..ये घर उसका भी है”…। “मगर मैं इसके साथ नहीं रह सकता”… । “इसीलिए तो कह रही हूँ तू कहीं और अपना ठिकाना देख ले…. … Read more

‘मन्नत: एक छोटी सी ख्वाहिश’ – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

श्यामा प्रसाद जी के बंगले में खूब चहल-पहल है। खुशियों से सबके चेहरे चमक रहे हैं। वाद्य यंत्रों और बधाई गीतों की आवाज दूर-दूर तक जा रही है। दादू-दादी आओ, पापा-मम्मी आओ…. मन्नत को झूला झुलाओ…….. गाओ सखियों मंगल गान… जन्मी हमारी राजदुलारी… मन्नतों से मांगी गई मन्नत आज 40 दिन की हो गई है। … Read more

उड़ान – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

मुंबई की ऊॅंची चमकदार बिल्डिंग में रहने वाली नीलिमा की जिंदगी बाहर से एकदम परफेक्ट लगती थी। एक बड़े बिजनेस टाइकून की वाइफ, दो प्यारे-प्यारे बच्चे और लग्जरी लाइफ। लेकिन, अंदर ही अंदर वह अपने अधूरे पड़े सपनों की कसक लेकर जी रही थी। नीलिमा एक बेहतरीन फैशन डिजाइनर थी। शादी से पहले उसने कई … Read more

संयुक्त परिवार – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

गाँव में हमारा परिवार रहता था। परिवार में मैं, मेरे माता पिता, ताऊ जी ताई जी, उनका बेटा रोहन और दादा जी। मैं पढ़ाई में बहुत तेज था और रोहन औसत था। रोहन मुझसे 1 क्लास आगे था पर मैं उसका भी होमवर्क करता था। हम दोनो भाई से ज्यादा दोस्त थे। दादा जी के … Read more

*अन्याय के विरुद्ध जंग* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

         यूँ तो संदीप काफी पहले से ही परेशान था,पर कुछ न कर पा सकने की मानसिकता और साहस की कमी उस में हीन भावना भरती जा रही थी।संदीप एक मेधावी छात्र था,हमेशा टॉप करता,खूब मेहनत करके वह अपनी स्थिति को कायम रखना चाहता था।पर वह देख और समझ रहा था कि देवकीनंदन सर   उनसे … Read more

आखिरी फैसला – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

अरी करमजली कहां रह गई, सूरज सिर पर चढ़ने को तैयार बैठा हैं, और तूने मुझे अभी तक चाय नहीं दी। तेरा बस चले तो मुझे भूखा ही मार दे। अभी सात भी नहीं बजे और तुम्हारी मां ने रोज की तरह चिल्लाना शुरू कर दिया। मैं भी क्या क्या करूं…सुबह पहले पानी गरम करो, … Read more

वक्त – चम्पा कोठारी : Moral Stories in Hindi

लगभग 30 वर्ष पुरानी सच्ची घटना है। विमला जी दीवाली की तैयारी में व्यस्त थी। ठीक दीवाली का दिन था। उनके पति किशोर जी एव्ं दोनों बेटे अनुपम , आशीष  और बेटी आराधना उनके काम में हाथ बँटा रहे थे। अंदर पकवान की तैयारी चल रही थी। बाहर  बेटी आराधना के द्वारा  रंगोली सजाई जा … Read more

अभागिन – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

   बस…. मां… बस…..अब एक शब्द भी मत बोलना ….नहीं सुन सकूंगी अब ……और तू चिंता मत करना मां ….. ये बड़ा अटैची देखकर ये मत सोच लेना कि अब मैं यही रहूंगी…. कुछ दिनों के लिए आई  हूं मां ….हां कुछ दिनों के लिए  ही आई हूं… कहते कहते आंचल का गला भर आया…! अरे … Read more

जीना तो होगा – प्राची अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

शोभा और राजेश की गृहस्थी की गाड़ी सुचारू रूप से चल रही हैं। दोनों की शादी को 28 साल पूरे होने को आए। दोनों ने ही सदैव घर परिवार बच्चों के लिए स्वयं को समर्पित किया है। दोनों बच्चे पढ़ लिख कर ऊंची नौकरियों पर बड़े शहरों में सेटल हो गए हैं। बच्चे कामयाब भी … Read more

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