” माँ” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” अरे रोहन माँ को साथ नही लाये जबकि आज की पार्टी तो मैने स्पेशली हमारे बुजुर्गो के लिए रखी थी !” चिराग अपनी पार्टी मे अपने मित्र रोहन को अपनी पत्नी और बच्चो के साथ आता देख बोला। ” यार माँ का चार धाम यात्रा का बड़ा मन था तो उन्हे उसके लिए भेज … Read more

यहाँ-वहाँ हर कहीं – अंजना वर्मा : Moral Stories in Hindi

उस दिन शाम को पाँच बजे ही संजीव ऑफिस से वापस आ गया था। लिफ्ट से ऊपर जाकर उसने अपार्टमेंट की घंटी बजाई तो रोज की तरह दरवाजा नहीं खुला। वह बाहर खड़ा इंतजार करता रहा। फिर दूसरी और तीसरी बार भी बजाई तो दरवाजा वैसे ही बंद रहा। तब उसे लगा कि उसके पापा … Read more

कन्यादान – एम.पी.सिंह : Moral Stories in Hindi

जब ललिता जी के पति का निधन हुआ तो उनके बेटे अनिल ओर अजय क्रमशः 12वी ओर 10वी क्लास में थे ओर बेटी कोमल कक्षा 6 में। अजय ने पिताजी की दुकान ओर परिवार को संभाला और अपने बड़े भाई ओर छोटी बहन की पढ़ाई जारी रखी। कॉलेज में अनिल की दोस्ती राखी से हुई … Read more

वो मुझसे ज़्यादा मेरी भाभी की माँ है….. – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

इन दिनों कॉलोनी में एक नया परिवार बहुत चर्चा में रह रहा था…सभी इन्हें देख कर कहते इस उम्र में भी कोई बेटी अपनी माँ की इतनी सेवा कर सकती है.. बहुत कम देखने को मिलता है … कुछ दिनों पहले ही वो शिफ़्ट होकर आए थे और पूरे परिवार का ही मिलनसार स्वभाव था … Read more

भाभी या भाभी माँ – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

आज सुबहसुबह ही भाभी का फोन आया कि जरूरी बात करनी है, जल्दी आ जाओ और फोन काट दिया. मैं ने चाय का प्याला मेज पर रख दिया और अखबार एक ओर रख कर सोचने लगा कि कोई बात जरूर है, जो भाभी ने एक ही बात कह कर फोन काट दिया. लगता है, भाभी … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

वंश वृक्ष – शिव कुमारी शुक्ला देविका जी एवं राजदीप जी बरामदे में कुर्सी डाले सजे-धजे बैठे थे आज उनके पोते की शादी जो थी। पोते ने अपनी पंसद की ड्रेस एवं साड़ी अपने दादा-दादी जी के लिए खरीदी थी। खूब चहल-पहल थी बहुयें बेटियां सजी-धजी, हंसती खिलखिलाती घूम रहीं थीं। ननद भाभी आपस में … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

बदलाव – प्राची अग्रवाल  सुभाष जी अपनी पत्नी को जैसे ही समझाने का प्रयास करते, उनकी पत्नी मीनू एकदम बिखर जाती। बहु-बहु होती हैं, बेटी-बेटी। बहुत फर्क है दोनों में। बहू कभी बेटी नहीं बन सकती और सास कभी माँ। घर का माहौल भी प्रभावित होता उनकी भेद भरी बातों से।  मीनू जी ज्यादा ही … Read more

बड़ा दिल – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

माधुरी की शादी रोहन से हो तो गई थी पर घर में किसी ने भी उसे स्वीकार नहीं किया था अभी तक।खुद रोहन भी कहां उसे अपना पाया था,उसके दिल दिमाग में तो रूही का कब्जा ही था,माधुरी से उसे मजबूरी में शादी करनी पड़ी थी। रोहन और रूही कॉलेज से दोस्त थे,रूही बहुत अमीर … Read more

भाभी – खुशी : Moral Stories in Hindi

निशा एक मस्तमौला लड़की थी। अठारह की हुई तो मां बाप शादी की तैयारी में लग गए। धनंजय का रिश्ता आया जो बैंक में मुलाजिम था उसकी उम्र 27 साल थी घर में मां,भाई बहन थे।पिता की मौत हो जाने के कारण धनंजय पर सारी जिम्मेदारी आ गई।भाई बहन छोटे थे। मां बीमार रहती तो … Read more

एक नया जीवन – हरीश श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

एक नवम्बर को महेश नारायण रिटायर हो गए और घर आ गए।दस नवम्बर को दीपावली थी और अबकी बार तीनों बच्चे साथ आए।देखकर खुशी के साथ साथ आश्चर्य भी हुआ।अपनी पत्नी कमला से बोले कि जरूर कोई बात है जो बिटिया भी पांच साल बाद आई है। घबराइए नहीं सब पता कर लिया है।फिर वह … Read more

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