मेरी भाभी – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

ग्रेजुएशन के लिए जब मैं 12वीं के बाद कॉलेज में आई तो पहले ही दिन सुगंधा ने मुस्कुराते हुए मुझे मेरे सामने अपने हाथ फैला कर कहा “मैं सुगंधा और तुम?” “ नेहा !”मैं ने अपना परिचय देते हुए कहा। उसकी मुस्कुराहट बड़ी ही प्यारी लगी थी।मैं थोड़ा घबराई हुई थी क्योंकि स्कूल से निकलकर … Read more

मेरी भाभी हैं – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  मालती एक शांत स्वभाव और सादगी पसंद लड़की थी।बचपन से वो देखती आई थी कि चाचाजी और बुआजी जब भी माँ को भाभी कहकर पुकारते तो उनके चेहरे पर एक चमक आ जाती थी।उनका कोई भी काम हो, माँ मन लगाकर करतीं थीं।कई बार तो उसके पापा अपने भाई-बहन को डाँट भी लगा देते थें, … Read more

*हटना आवरण का* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    शादी तय होते ही मम्मी ने समझाना शुरू कर दिया था कि बेटी हर हाल में तुझे अवनीश के साथ अपनी सास से अलग होना है।अवनीश का दूसरा भाई है तो सास उसके पास रह सकती है।       जब पहली बार मम्मी ने मालिनी को यह समझाया तो उसे बड़ा अजीब सा लगा।उसे लगा था कि … Read more

भाभी – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

”  नैना, बहू , मीता बिटिया की शादी में तुम्हारे मायके से क्या- क्या आया, हमें भी तो दिखाओ |” नैना की चाची सास ने नैना से कहा |       ” इसके मायके में है हीं कौन, जो कुछ भेजेगा |” सास ने मुंह बनाते हुए कहा |       ” क्यों मां  और भाभी तो है ना … Read more

मुझे ऐसी ही सास चाहिए – चाँदनी झा : Moral Stories in Hindi

राधिका ने सात साल की अपनी बेटी रिया, और आठ साल की अपनी भतीजी जिया से अनेक सवाल के बाद, जब ये सवाल किया कि “तुम्हें सास कैसी चाहिए?” दोनों ने सवाल छूटते ही कहा, “मेरी नन्ना (नानी)जैसी, मेरी दद्दा (दादी) जैसी।” जिज्ञासावश…राधिका ने कहा,…”क्यों? तुम्हें अपनी नानी के जैसी ही, या तुम्हें अपनी दादी … Read more

भाभी – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

आर्यन की नौकरी लगने के बाद कई जगह से रिश्तों की लाईन लग गई, लेकिन अम्मा ने रंजना भाभी को देखा और देखते ही कह दिया यह लड़की ही हमारे घर की बहू बनेगी। पता नहीं अम्मा की पारखी नजर ने ऐसा क्या देखा?? रंजना भाभी सुंदर रंग रूप, गुणवान एवं बहुत व्यवहार कुशल थी। … Read more

काश…रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

रीवा को लगा कोई उसके बालों पर हौले से हाथ रखे है… उसने झटक कर पीछे देखा… तो सासु मां कांता जी थीं… उनका हाथ रीवा के सर पर था…  कांता जी ने प्यार से बाल सहलाते हुए कहा…” मैं हूं बेटा… क्या हुआ… विनय अभी तक नहीं आया ना…!” ” नहीं मां उन्हींका तो … Read more

मेरी खुशियों की चाबी,मेरी भाभी – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

रिया आज विदा होकर अपने ससुराल जा रही थी।वैसे तो वह मेरी बेटी थी,किन्तु लड़का ढूंढने से लेकर कन्यादान तक की सारी जिम्मेदारियां रूपा भाभी ने बड़ी आत्मीयता से निभाईं थीं।वह रिया को एक अच्छी पत्नी व बहू बनने के सीख दे रहीं थीं..समझा रहीं थीं,कि अपने व्यवहार से सबका दिल जीतना।मैं तो बस मूक … Read more

एक खत – कादंबरी मेहरा : Moral Stories in Hindi

इंटरनेट पर किसी ने एक नसीहती सन्देश भेजा है। “हैपी बर्थडे! आप आज सत्तर वर्ष के हो गए! अब समय आ गया है कि गैरज़रूरी सामान को अपने हाथों से दान कर दें। पुराने, बेकार कागज़ पत्तर छाँट कर फाड़ दें। आपके शरीर की ताक़तें दिन-ब-दिन कम होती जायेंगी। बची हुई ताक़त व समय को … Read more

वंशबेल – इन्दिरा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

गाँव का महाजन पीतांबर अपने घर के सामने पेड़ के ठूँठ पर बैठा था। वह पचास को पार कर चुका था। कभी वह काफी हट्टा-कट्टा था, लेकिन अब उसे चिंता ने दुबला दिया था। उसकी ठुट्टी के नीचे की खाल ढीली पड़कर लटकने लगी थी। वह दूर निगाहें टिकाए एक बच्चे को देखे जा रहा … Read more

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