बेटी तो है – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi
” सुनीलsss.., जब एक हाथ से काम होता नहीं तो चुपचाप बैठे क्यों नहीं रहते…।कितना मंहगा शो- पीस था…तुमने तोड़ दिया…इसका पैसा क्या…।” कामिनी अपने देवर पर चिल्ला रही थी कि तभी सुनील की पत्नी नंदा आ गई,” साॅरी दीदी..इनसे गलती से गिर गया है।मैं इसके पैसे दे दूँगी…।” ” कहाँ से देगी…तुझे खिलाते हम … Read more