भगवान थोड़ी जिंदगी और दे दो – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

अस्पताल के बेड पर पड़ी हुई रागिनी जी की आंखों से आंसू की बूंदे निकलकर तकिये को भिगो रही थीं… । अपनी बिमारी से ज्यादा पति और बेटे की बेबसी उन्हें खल रही थी। बिना किसी औरत के घर संभालना कितना मुश्किल होता है ये बात सब समझ रहे थे। दोनों का उतरा हुआ चेहरा … Read more

प्यार का बंधन – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अतुल और हीनल की मुलाकात दिल्ली के एक मैनेजमेंट कॉलेज में हुई थी। इसके बाद, दोनों की नियुक्ति गुड़गांव में एक मल्टीनेशनल कंपनी में हो गई। दोनों परिवारों की सहर्ष सहमति से अक्टूबर में उनका विवाह हुआ, और दिल्ली की रहने वाली मीनल, अपने ससुराल गुड़गांव आ गई। क्रिसमस के बाद वीकेंड पर, वह अतुल … Read more

पुत्रवती और डिम्पल का संकल्प – मधुलता पारे : Moral Stories in Hindi

 डिम्पल जल्दी-जल्दी किचन में हाथ चला रही थी अभी सुबह के 7 ही बजे थे, 8ः30 बजे उसे तथा अवनीश को निकलना था दोनों शहर की एक फार्मास्यूटिकल् कम्पनी में काम करते स्वयं का वाहन होने के कारण आधे घंटे में कम्पनी पहुंच जाते थे। घर में उनके अतिरिक्त अवनीश के माता-पिता तथा लगभग 5 … Read more

कर्जलक्ष्मी – रीमा महेंद्र ठाकुर : Moral Stories in Hindi

बेटी हुई है””! हा तो क्या हुआ जच्चा बच्चा ,दोनों स्वस्थ है ,ये क्या कम है””! लक्ष्मी आयी है आपके घर””नेग तो लेकर जाऐगी”! हाथ नचाते हुऐ ,वृन्नला बोली”! देख वृन्नला, कहने को तो लोग बोल देते है की लक्ष्मी आयी है,पर जब यही बेटियां विवाह योग्य होती है,तो मां बाप के लिऐ कर्ज बन … Read more

किचन क्वीन – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

 उनकी पोती के जन्मदिन की पार्टी खूब जोरों-शोरों से चल रही थी. कोविड की एहतियात के मद्देनजर उनकी बहू ने अपने पाँच-छः पारिवारिक मित्रों के साथ एक छोटी सी पार्टी का ही आयोजन किया था. अपनी-अपनी पसंद के अनुसार प्लेटों में स्नैक्स लेकर सभी मित्र यहाँ-वहाँ गपशप में मशगूल थे. पुरुष वर्ग अपनी राजनीतिक तथा … Read more

नींव – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

    रोहन ने अत्यन्त तीव्रता पूर्वक बड़े उल्लसित मन से अपने घर‌ में प्रवेश किया और इधर-उधर नजरें घुमाते हुए अपने दादाजी को बरामदे में बैठा न पाकर वह तुरंत लगभग दौड़ता हुआ सा उनके कमरे में जा पहुंचा। दरअसल बरामदे में आ चुकी हल्की-हल्की धूप के कारण इस वक्त दादाजी अपने कमरे में ही समाचार … Read more

नये साल का तोहफा – नेकराम : Moral Stories in Hindi

प्रियंका ने आवाज देते हुए एक रिक्शा वाले से कहा मलका गंज के स्कूल चलोगे ,, रिक्शे वाले ड्राइवर ने जल्दी से कहा ,, जरूर चलूंगा बेटी मगर आज किराया 10 रूपये ज्यादा लूंगा पहले 20 रुपए लगते थे अब हमने पुराना रेट खत्म कर दिया है पुराना साल जा रहा है इसलिए आज से … Read more

आख़िरी मुलाकात – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू : Moral Stories in Hindi

सुनो घर चलते हैं वर्षो हुए घर नहीं गए।हर बार छुट्टियों में कही न कही घूमने का प्लान बन जाता है और हम सब पहाड़ों पर चले जाते है तो घर जाना रह ही जाता है कहते हुए ओम नहाने चला गया। जिसे रसोई में नाश्ता बनाती अनु से सुना और सोचने लगी।चलो अच्छा है … Read more

एक वेडिंग – हरीश श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

लीजिए सक्सेना साहब,मिल लीजिए लड़के से और बुलाइए बिटिया को ताकि दोनों लोग बात कर सकें। वीरेन्द्र सक्सेना कार्पोरेशन में सीनियर सिविल इंजीनियर थे।अच्छा खासा नाम और कमाई थी।पर एक हद में ही रहते थे।एक लड़की थी बड़ी रत्ना जिसने हाल में ही एमबीए किया था और एक लड़का जो किसी प्राइवेट कम्पनी मे इंजीनियर … Read more

जब बच्चों को अकेले रहने की आदत पड़ जाती है तो बड़े- बुजुर्गों से उन्हें बंधन दिखाई देने लगता है। – कमलेश राणा : Moral Stories in Hindi

सुमि और सूरज का बड़ा अरमान था कि उनका बेटा डॉक्टर बने इसके लिए उन्होंने अभि को कोचिंग के लिए कोटा पढ़ने भेज दिया। कुछ दिन अभि का मन वहाँ बिल्कुल भी नहीं लगता था हर समय घर- परिवार की याद सताती रहती उसे।  सुमि ने कभी भी उससे घर का कोई काम नहीं करवाया … Read more

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