ढलती सांझ – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

********** पार्थ के जीवन की ढलती सांझ इतनी खुशनुमा और प्यारी होगी उसने सोंचा भी नहीं था।  उसे तो लगता था जब यौवन में  कोई सुख नहीं मिला तो  सांझ तो सन्नाटे और वीरानी का पर्याय होगी ही। अचानक कुछ ऐसा हुआ कि उसका पूरा जीवन ही बदल गया।‌ विवाह की शहनाइयों की गूॅज धीमी … Read more

अहंकार – पुष्पा पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

शहर की रहने वाली कुसुम की शादी गाँव में हुई। कुसुम के पिता को गाँव में ही एक पढ़ा-लिखा युवक उनके आदर्शों पर खरा उतरा और उसे अपना दामाद बना बैठे। तब कहाँ कोई लड़की  से उसकी पसंद  पूछता था। वैसे युवक प्रतिभाशाली था। इंजिनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। कुसुम को ससुराल वालों ने … Read more

बहुत याद आती है सासू मां की – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

देख बेटा तान्या….. तू नौकरी करना चाहती है ना…. बेशक कर….! पर याद रखना घर की व्यवस्था तो तुझे ही देखनी पड़ेगी…. स्पष्ट और सच बोलना शायद सही होगा …।     मुझसे ना …ये घर के कामों और तुम्हारी मदद के विषय में ज्यादा उम्मीद मत रखना…..  मैं उम्र के इस पड़ाव  ” ढलती सांझ ” … Read more

एक हाथ से ताली नहीं बजती – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

सुमन ,कहा हो आओ जल्दी ,देखो मेरी शर्ट कैसी लग रही है? पूरे पांच हजार की है | सुमन क्या पांच हजार? हा जी सुमन मैडम पांच हजार की है | सुमन ने गुस्से में बोला ,पांच हजार की हो या ,दस हजार  की,बिल्कुल अच्छी  नहीं है|बोल के रसोई में चली गई | रमन को … Read more

“मैं अपने अहंकार में रिश्तों के महत्त्व को भूल गई थी” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

अहंकार एक ऐसा रोग है जिसपर बंदिशें न लगाई जाए तो उसकी वृद्धि चौगुनी होती चली जाती है ।चाहे इसका कारण धन हो, बल हो , या अत्यधिक ज्ञान का गुमान हो कुछ भी हो सकता है ।अहंकार का बुखार सिर पर चढ़ कर बोलता है। वह हमारी बुद्धि भ्रष्ट कर देता है और इसका … Read more

बहू कभी बेटी नहीं बन सकती – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

मोहिनी क्या कर रही है तू कितने दिनों से बेंच पर आकर नहीं बैठी क्या काम करती रहती है तेरे घर में तो बहू बेटी दोनों ही है…  सरिता ने आवाज देकर कहा- पड़ोस में रहने वाली सरिता मोहिनी की सबसे खास दोस्त है..  हमेशा दोनों सुबह टहलने जाते हैं योग करते हैं और शाम … Read more

ढलती साँझ – डॉ .अनुपमा श्रीवास्तवा

आज बाबूजी कुछ ज्यादा ही सुबह उठ गये थे। बाहर वाले कमरे से लगातार खट-पट की आवाज आ रही थी। पता नहीं  इतनी सुबह -सुबह उठकर बाबूजी कमरे में क्या कर रहे हैं,देखती हूं जाकर। सुधा उठकर जाने लगी तो अजय ने टोका -“कहां जा रही हो? सो जाओ आराम से नींद हराम करने की … Read more

ढलती सांझ में तो आराम चाहिए। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

सुधा आज क्या चाय नहीं मिलेगी? किशोर जी ने बिस्तर से आवाज लगाई, कोई आवाज नहीं आने पर वो खुद ही पलंग से उतरकर रसोई की ओर चले गये, रसोई में चिमनी चल रही थी और उनकी आवाज से बेपरवाह होकर सुधा जी तवे पर परांठे सेंक रही थी। उन्होंने फिर दोहराया, आज चाय नहीं … Read more

बिगड़ते रिश्ते को हवा मत दो – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” आपने ठीक किया माँ जो भाभी को डाँट दिया।खुद तो खाली हाथ आईं हैं.., ऊपर से प्लेटें-बाउलें तोड़कर आपके मँहगे-मँहगे सेट भी खराब करती रहतीं हैं।भाभी का यही हाल रहा तो माँ..।”  ” चुप करो मानसी…। तुम्हारी माँ को तो बहू को डाँटने के लिये बहाना चाहिये,कम से कम तुम तो #आग में घी … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

माँ का त्याग – चाँदनी झा  “तकदीर बदल दिया तुमने बेटा, मुझे तुम पर गर्व है।” मीनाजी के इतना कहते ही छोटी,…अतीत में खो गयी, पूरे घरवाले का विरोध कर मुझे स्नातक करवाया माँ ने। घरवालों की मानसिकता, बेटी की शादी कर छुटकारा पाओ, से लड़ी। मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया, मेरी पढ़ाई के खर्च के … Read more

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