मैं अपने अहंकार में रिश्तों के महत्व को भूल गई थी – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

“बेटा, तुम कब तक आओगे अब तो घर से ही ऑफिस का काम करना होता है तो यहीं आ जाओ….मेरी तबियत भी इन दिनों ऐसी ही चल रही है तो मुझे भी मधु का सहारा हो जाएगा….कामवालियों का सहारा था तो अब वो भी नहीं आ पा रहीं….” “नहीं मां, हम नहीं आ पाएंगे क्योंकि … Read more

हरे कांच की चूड़ियां!! – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

घर में मेहमानों की रेलमपेल मची थी। बाहर वाले कमरे में भीतर बरामदे से लेकर छत तक… सब जगह सुनीति अपनी ननद के घर उनकी पच्चीसवीं मैरिज एनिवर्सरी के अवसर पर आई थी… अपनी पति ,बच्चों और सासू मां सरला जी के साथ यूं तो ( सासू) मां साथ चलने को तैयार नहीं थी.. अभी … Read more

मौन- दर्द – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  चहुँ ओर शोर,चिल्लाहट,हाय हाय की आवाज उठ रही थी।एक ट्रक के पीछे दो किशोर बच्चे कुचले पड़े थे,मांस के लोथड़े बिखरे हुए थे।उसी ट्रक की साइड में एक 60 वर्षीय वृद्ध भी अचेवस्था पड़े थे।एक अति विभत्स और करुणाजनक दृश्य वहां था।          उक्त घटना 1972-73 की है।मेरे पिता ईंटो के भट्टे के व्यवसाय में थे। … Read more

सांझ के बाद ही सबेरा है – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

…. नदिया की लहरें प्रतिदिन की भांति ही अठखेलियां कर रहीं थीं,मस्त सुरभि का झोंका उन्हें गुदगुदा रहा था ढलते सूरज की सुनहरी अलबेली रश्मियों ने आसमान को एक अनूठे चित्रकार की भांति अपनी तूलिका से रंग दिया था, ढलती सांझ में नीलाभ विस्तृत आकाश सुरमई प्रतीत हो रहा था। लेकिन आज अंगद को यह … Read more

भ्रम एक स्थिति – मधुलता पारे : Moral Stories in Hindi

शहर के  महारानी लक्ष्मीबाई कन्या महाविद्यालय  की निर्वाचन  प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी परिणाम  की घोषणा होने वाली थी जैसे ही अध्यक्ष  पद पर निर्वाचित दिग्गजा राणे का नाम घोषित  हुआ पूरा हाॅल तालियों की गड़गड़ाहट  से गूंज उठा। चारों ओर  लड़कियों का हुजूम था। विजय दर्प से खिलखिलाती दिग्गजा को बधाई  देने वालों का … Read more

सुनो, सुन रहे हो न तुम ….? – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

    सुनो ! सुन रहे हो न तुम ?  तुमसे ही कह रही हूं। मेरे अंदर का अनकहा दर्द अब सैलाब बनकर शब्दों के रूप में अनवरत बहने लगा है ।  मैंने​ तुम्हें बहुत रोका , लेकिन तुम नहीं रुके ! मानो दौड़ते रहना ही तुम्हारी नियति थी। वैसे एक सच कहूं ?  यदि तुम चाहते … Read more

प्रेम परीक्षा है ।। – अदिति सिंह : Moral Stories in Hindi

बी ए फाइनल ईयर में लड़का और बी ए फर्स्ट ईयर में लड़की पढ़ रही थी दोनों के मुलाकात कुछ इस तरह से हुई ।। हाय हाय कैसी हो ठीक हूं आप कौन मैं इसी काॅलेज के फाइनर ईयर्स में पढता हूं ओहहह मैं न्यू एडमिशन ली हूं फस्टपार्ट में ओके वाह बहुत सुंदर, तुम … Read more

जानवर – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

“मोना तुम इस समय कहां जा रही हो”?? मोना की बड़ी बहन शालिनी ने पूछा माई डियर दीदी मैं कम्बाइंड स्टडी के लिए अपने “दोस्त गौतम के घर जा रही हूं मोना ने जबाव दिया और आज रात मैं वहीं रहूंगी कल आप से मुलाकात होगी गुड नाईट दीदी”, “तुम गौतम के साथ उसके घर … Read more

मैं अपने अहंकार में रिश्तों के महत्त्व को भूल बैठी थी – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सुगंधी पति वेदांत से कह रही थी देखिए मैंने पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और खाली घर में बैठी हुई हूँ बच्चे स्कूल और आप ऑफिस चले जाते हैं तो मेरा समय कटना मुश्किल हो जाता है । वेदांत ने उसकी बात पर गौर किया और अपने दोस्त से बात करके एक चिटफ़ंड कंपनी में उसको … Read more

रंग बदलती दुनियाँ – कविता भडाना : Moral Stories in Hindi

“अरे ओ राजू के बापू देखो तुम्हारा लाडला क्या कांड करके आया है”… राजू की माँ अनारो अपने एकलौते बेटे को दुल्हे के भेष में देख गला फाड़ कर चिल्ला रही थी,   “क्या आफत आ गयी, काहे चिल्ला रही हो” गुटखा चबाते हुए राजू के बाप ने बेटे को दुल्हे के भेष में और साथ … Read more

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