कुछ गुनाहों का प्रायश्चित नहीं होता – पूजा दत्ता : Moral Stories in Hindi

सारा काम ख़त्म करके चाय का कप लेकर बालकनी में बैठी ही थी कि दरवाज़े की घंटी बजी… इस समय कौन आया होगा, सोचती हुई गेट पर गई तो मेरी बचपन की सहेली सुमेधा सामने खड़ी थी। “अरे सुमेधा, तुम… आओ ना… कितने दिन बाद आई हो…” उसे बिठाकर मैं उसके लिए भी एक कप … Read more

गुरु दक्षिणा – विनय मोहन शर्मा : Moral Stories in Hindi

देवव्रत शास्त्री शहर में एक माध्यमिक विद्यालय में हिंदी के शिक्षक थे। उनको छात्र मास्साब कहकर संबोधित करते थे। वह अपने छात्रों से पुत्रवत स्नेह रखते थे और उनकी गल्तियों पर उन्हें डांटने के स्थान पर स्नेह पूर्वक समझाते। अपने छात्रों को पढ़ाने में बहुत मेहनत करते थे, जिसका ही परिणाम था कि उनके विद्यालय … Read more

कुछ गुनाहों का प्रायश्चित नहीं होता – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

सीधे सीधे चलते चलते अचानक रोड चारों दिशाओं में बंटने लगी। इधर देखा उधर देखा कोई साइन नजर ही नहीं आया। उतर दिशा की ओर बड़ी बड़ी बिल्डिंगे खड़ी थी जिसके गलियारे एकदम शांत थे। बालकनी से कुछ कुछ बच्चे झाक रहे थे पर आवाज उनकी भी नहीं आ रही थी। किसी किसी बालकनी से … Read more

मां बाप का आशीर्वाद से बड़ा कुछ भी नहीं है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मांजी सूप पी लीजिए ,अरे बेटा मन भर गया है अब तो सूप वूप से । कितना पीऊं अब तो ऊब गई हूं मैं इस बिस्तर पर पड़े पड़े।ऊपर वाला मेरी सुनता क्यों नहीं है ।नहीं मांजी ऐसा न कहें, आपके आशीर्वाद की आपके साथ की तो अभी हम लोगों को बहुत ज़रूरत है । … Read more

कुछ गुनाहों का प्रायश्चित नहीं होता – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

माधवी अपने कमरे से निकल कर माँ को आवाज़ देती है कि माँ जल्दी से लंच बॉक्स दे दीजिए सुनीता आ रही होगी । हो गया है बेटा ला रही हूँ कहती हुई सरस्वती बॉक्स उसके हाथ में थमा कर कहती है कि जल्दी आ जाना बिटिया देरी करोगी तो मेरा दिल बैठा जाता है … Read more

कुंभ की यात्रा का सौभाग्य – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

शुभा पिछली बार अर्ध कुंभ स्नान का पुण्य प्राप्त कर चुकी थी।पति की तबीयत ठीक नहीं थी,तब। कॉलोनी में रहने वाली राठौर भाभी से बातों-बातों में जाने की इच्छा जाहिर की थी शुभा ने।अगले ही हफ्ते टिकट बुक हो गया था उसका उनके परिवार के साथ। प्रयागराज दर्शन के साथ-साथ काशी विश्वनाथ जी के दर्शन … Read more

अनकहा दर्द – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

********** पार्थिव की कम्पनी में इंटरव्यू चल रहे थे। अचानक कमरे में एक सुरीली आवाज गूॅज गई – ” मे आई कम इन सर।” ” यस।” चयनकर्ताओं की टीम में से एक ने कहा। पार्थिव को लगा कि यह स्वर तो बहुत जाना पहचाना है और जब उसने सामने देखा तो अवाक रह गया। यहॉ … Read more

“अनकहा दर्द” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

मानसी तकिये में सर छुपा कर फूट फूट कर रोने लगी। रोने के सिवाय कर भी क्या सकती थी उसके पास कोई और चारा भी नहीं था।? रोहन कह रहा था।मम्मी आपके बिना मुझे कुछ अच्छा नहीं लगता कल आप चली जाओगी, बोलो ना फिरकब आओगी, मेरा यहां बिल्कुल मन नहीं लगताऔर वह कहते कहते … Read more

स्वप्नों के ताने बाने – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आज मां से सारी बात साफ साफ कह दूंगा ।कह दूंगा मैंने पढ़ाई अच्छे से नहीं की।कह दूंगा कि पिछले सेमेस्टर में दो पेपर में मेरा बैक लग गया है।कह दूंगा कि आप लोग जो रुपए मेरी एक्स्ट्रा कोचिंग की फीस के लिए भेजते थे उन रुपयों से मै दोस्तों के साथ पार्टी करता था… … Read more

खामोशी और खालीपन – स्वाती जितेश राठी : Moral Stories in Hindi

स्नेह अपना बैग पैक करो   तुम्हें अभी रात की ट्रेन  से इन्दौर निकलना है। अरे !पर ऐसे अचानक क्यों ? सब ठीक है ना वहाँ? स्नेह का मन अनजानी आशंका से काँपने लगा था। देखो यहाँ बैठो और आराम से  मेरी बात सुनो !   पापा को एडमिट  किया था  हास्पिटल  में एक हफ्ते … Read more

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