कोशिश – खुशी : Moral Stories in Hindi

रुबीना एक दिलकश और खुशमिजाज लड़की थी।जो अपनी खाला के लड़के रशीद के साथ मंगनी के बंधन में बंधी थी।रुबीना की खाला नुसरत भी उसपर प्यार लुटाती थी  क्योंकि उनके शौहर का इंतकाल रशीद के बचपन में हो गया था और राशिद की मां और बड़ी बहन आमना ने  मेहनत कर के घर का ख्याल … Read more

मिट जानी हैं दूरियां – साहिबा टंडन : Moral Stories in Hindi

मालती की बोर्ड परीक्षाएं बस शुरु होने की थीं. सुजाता दिन रात उसका ख्याल रख रही थी. अनिल भी ऑफिस से आते जाते मालती को उसकी तैयारियों के बारे में पूछ लेते थे. मालती कोचिंग सेंटर भी जाती थी. हालांकि कोचिंग संस्थान दूर था और बच्चे भी क्षमता से ज्यादा थे पर अनिल और सुजाता … Read more

मन के रिश्ते – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

अरे सान्या रूम में इतना अंधेरा क्यों कर रखा है रूम की खिड़कियों से पर्दे हटाती हुई मम्मी बोली। जब जीवन में ही अंधेरा हो तो …. मम्मी ने पास में बैठ कर चद्दर समेटते हुए समझाया ” पता है तुम्हारी प्रोब्लम क्या है ? तुम हर कार्य को अपने अकॉर्डिंग चाहती हो बेटा हर … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – शीतल भार्गव : Moral Stories in Hindi

गाँव के छोर पर दो परिवार रहते थे ,चौधरी साहब और पंडित जी का ।दोनों परिवार पीढ़ियों से पड़ोसी थे,लेकिन पिछले कुछ समय से उनके बीच एक अजीब सी खटास आ गई थी । कारण था,कारण था चौधरी साहब के बेटे जय और पंडित जी की बेटी राधा का प्रेम । जय और राधा बचपन … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – गीता यादवेन्दु : Moral Stories in Hindi

सुहानी एक बहुत ही तेजतर्रार, अपना मतलब निकालने में होशियार रहने वाली लड़की थी । ईर्ष्या करना और दूसरों को नीचा दिखाना भी उसके व्यक्तित्व का एक हिस्सा था ।  कॉलेज में सुहानी साथी सहपाठियों ,सहेलियों से चालाकी से नोट्स हासिल कर लेती थी और रट-रटा कर ठीक-ठाक मार्क्स भी ले आती थी । अर्पिता … Read more

खट्टे रिश्ते हो गए मीठे – नेमीचन्द गहलोत : Moral Stories in Hindi

आंगन में बैठे सभी बातें कर रहे थे । गजेन्द्र चार पाई पर लेटकर आकाश को निहारते हुए बोला “कितना सौभाग्यशाली है ये सौर परिवार जिसमें सितारे, सप्तर्षि मंडल, ग्रह, नक्षत्र सब साथ रहते हैं, न किसी से ईष्या और न किसी से द्वेष! सब अपनी मर्यादा और कर्तव्य निष्ठा के प्रति प्रतिबद्ध ! आपस … Read more

जुड़ गई डोर आखिरकार – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

डॉक्टर नीला अपनी गाड़ी से उतरी और तेजी से अस्पताल की तरफ बढ़ने लगी। सुबह ही अस्पताल से फोन आया था” एक पेशेंट बहुत ही सीरियस हालत में भर्ती कराया गया है ,तुरंत ही आकर उसे देख लीजिए।” यह सुनकर उसने अपना ब्रेकफास्ट अधूरा छोड़ा और भागी भागी अस्पताल के लिए निकल गई । फोन … Read more

जिगर के टुकड़े – रेनू देवी : Moral Stories in Hindi

बीबी वो बीबी तुम जो कहोगी ,वही मैं करूंगा ।  मां से नाता तोडूंगा, बहन को मैं छोड़ूंगा । तेरी पल्लू से ही बंध कर मैं दिन रात रहूंगा ।  बीबी वो बीबी तुम जो कहोगी, वही मैं । यह क्या कर रहे हो बेटा, हम सब को छोड़कर जा रहे हो…..  एक बार भी … Read more

वक्त पर काम आना – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

रेखा:   जानते हो रवि…? कल हमारी पड़ोसन एक नई साड़ी पहनकर रमा जी के यहां पूजा में आई थी… वह अपने पति का बखान करते थक नहीं रही थी… कह रही थी वह साड़ी 18000 की है… यह कहकर वह इतना इतरा रही थी कि क्या ही बोलूं? कल अगर आप साथ होते तो, … Read more

छोटी माँ – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

राजीव जी राजकीय कॉलेज में प्रिंसिपल थे उनकी फिटनेस, हंसमुख स्वभाव एवं बहुत ही मिलनसार व्यक्तित्व था। उनकी प्रतिभा चारों ओर फैली हुई थी। वह अपने कार्य क्षेत्र में सख्त और अनुशासन प्रिय व्यक्ति थे।  उनकी पत्नी सुवर्णा कदम- कदम पर उनका साथ देती, जिस कारण राजीव जी अपने काम को बेहतर अंजाम देते हुए … Read more

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