अस्तित्व – संजय मृदुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

मुझे किसी से कोई फर्क नही पड़ता। तुम हो या और कोई, समझे।  जी, मैंने सर झुकाए हुए कहा और अपने शरीर को धकेलते हुए कमरे से बाहर ले आई। पलकें नम हो रही थी और ऐसा लग रहा था चीख चीख कर रोऊँ।  क्यों ऐसा होता है कि आप किसी को खुद से ज्यादा … Read more

लव मैरिज वाली बहु – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

सरोज की जब आंखें खुली तो उसने अपने को अस्पताल के बेड पर पाया। धीरे-धीरे उसे सब कुछ याद आने लगा। घर में अचनाक उसकी तबियत खराब हो रही थी..सीने में दर्द सा हो रहा था पर घर में कोई नहीं था।दोनों बेटे ऑफिस गए हुए थे।छोटी बहु अपनी किट्टी पार्टी में गई हुई थी।बड़ी … Read more

आगाज़ – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

 पापा की ,आंगन से आती हुई, झल्लाहट-भरी आवाज सुनकर अचानक कविता की नींद टूट गई , “तुमने मुझसे पूछे बिना बाई की पगार कैसे बढ़ा दी ? सर्विस से मेरी रिटायरमेंट के बाद  क्या तुम मुझे घर से भी रिटायर करने की तैयारी में जुट गई हो ? ” “नहीं जी, ऐसा नहीं है। असल … Read more

बा अदब! बा मुलाहिजा… – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

   सब्जीवाले की आवाज सुनकर कविता, रोमा और निम्मी अपने-अपने घरों से बाहर निकल आईं, ‘क्या बात भैया ? दो दिन आए नहीं, सब ठीक तो है न ?’ कविता ने पूछा।       ‌’हां जी मैडम ! बस पास के गांव में अपने माता-पिता से मिलने चला गया था, लेकिन उस दिन आपने मशरूम लाने को कहा … Read more

उद्घघोष विश्वास का – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

जिज्ञास मूर्ति को आकार देते अपने पिता से आपस में बात भी करते जाते, क्यों पिता  जी अगर हम इस मूर्ति को आकार देने में सफल हो पाए तो हमारा यह पहला आर्डर आने की बात बननी शुरू हो पाएगी। अभी कहां, जिज्ञासा पहले यह मूर्ति इस लायक बने कि हम इसे प्रदर्शनी के लिए … Read more

बड़ी बहू – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

जब सुजाता अपने पति राघव के नाम का सिंदूर और अपने पति के साथ ससुराल में कदम रखा था तो जानकी जी यानी उनके सासु मां ने  उसकी आरती उतारते हुए कहा था” सुजाता बहू बहुत-बहुत स्वागत है तुम्हारा इस घर में।। इस घर की बड़ी बहू हो तुम , याद रहे अपनी जिम्मेदारी समझना … Read more

समोसे वाली दोस्ती – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

सलोनी ने फोन उठाते हुए हेलो किया । वही चहकती, खिलखिलाती पहचानी सी आवाज़ लगी । आवाज़ थोड़ी कट रही थी  और फोन भी कट गया । इत्मिनान होकर भी वह घर के अनसुलझे कामों में ब्यस्त होकर सोच नहीं पाई की आवाज़ किसकी थी । इतनी ही देर में दुबारा फोन आ गया । … Read more

अंतिम इच्छा – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

“डॉक्टर साहब मैं कब मरूंगी ??” आज जिया राजस्थान अस्पताल में आईसीयू में डॉक्टर शर्मा से यह सवाल पूछ रही थी।  डॉ शर्मा स्तब्ध से जिया की ओर देखने लगे। जिया से इस तरह के सवाल की अपेक्षा उन्हें बिल्कुल नहीं थी।  वह अच्छी तरह से जानते थे की जिया कैंसर की फोर्थ स्टेज से … Read more

माँ मेरी पत्नी की जगह आपकी बेटी होती तो – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

मनमीत और रेखा की शादी हुए तीन साल हो गए थे उसकी पत्नी रेखा बहुत ही सुंदर और सरल स्वभाव की थी पूरा दिन घर के काम में लगी रहती। सारा काम करने के बाबजूद उसकी सास हमेशा उसे कोसती रहती बात बात पर ताने मारती रहती क्योंकि शादी के तीन साल बाद भी रेखा … Read more

माँ अगर मेरी पत्नी की जगह आपकी बेटी होती तो – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

कमल कहा हो बेटा? देखो जरा सलोनी, क्या कर रही है?माँ क्या हुआ? बताओ मैं कर देता हूँ, नहीं, नही ,सलोनी को ही बुलाओ, मेरे सर में  बहुत दर्द हो रहा है , अदरक वाली एक चाय बना के दे, दे हमको बस । माँ कामवाली आ गयी है , वो बर्तन धो ले फिर … Read more

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