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खौफनाक रात!! – मनीषा भरतीया
राज और पूजा गोवा में अकेले रहते थे।, पहले पूजा अपने सास-ससुर के साथ टाटा में ही रहती थी, लेकिन राज की रेलवे की नौकरी थी।, इस कारण से उसका तबादला हर दो-तीन साल में एक जगह से दूसरी जगह होते रहता था।, इस बार उसका तबादला गोवा में हुआ, इस कारण से राज बहुत … Read more
सबिया का धैर्य – कंचन श्रीवास्तव
परिवर्तन प्रकृति का नियम है ,जो इसे स्वीकार करता है कभी दुखी और पीछे नही रहता। सबिया को ही ले लो इसका जीवन हमेशा चुनौतियों भरा रहा ,पर कभी हार नहीं मानी,। कहते हुए अप्पी कुर्सी में धंस गई उन्हें अच्छे से याद है जब अख्तर से निकाह हुआ तो ये पढ़ रही थी।बड़ी कमसिन … Read more
औरत के मन की व्यथा… – मीनू जायसवाल
आज जो लिखने जा रही हूं ये कोई कहानी नही है ,बस मन के किसी कोने मे आए हुए कुछ सवाल है जो शायद दुनिया की हर एक औरत की आपबीती हो… हर एक की समस्या हो ,जो शायद कभी किसी से कह नहीं पाती…..कोशिश कर रही हूं शब्दों द्वारा उनकी बातों को आपके सामने … Read more
मैं क्या टीवी सीरियल की सास हूँ ? – संगीता अग्रवाल
” ये क्या बहू तुमने बस चावल बनाए हैं तुम्हें पता है रोहित को सिर्फ दाल चावल नही पसंद साथ में रोटी सब्जी भी चाहिए… फिर भी !” शारदा जी अपनी बहू मीनाक्षी को अपने बेटे रोहित का टिफिन लगाते देख बोली। ” मम्मी जी मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है जल्दबाजी मे … Read more
चाहत – मणि शर्मा
“लाजो! मुझे कल देर से उठाना बहुत थक गई हूँ। अंदर आते हुए मेघना ने नौकरानी से कहा, और हाँ दरवाजा बंद कर लो साहब सुबह आएंगे “। “बीवी जी! खाना?लाजो ने पूछा। “मैं खाकर आई हूँ ,तुम सो जाओ ” कहकर मेघना कमरे में निढाल होकर बिस्तर पर गिर गई उसकी इतनी भी हिम्मत … Read more
मैं तुम्हारे पास हूँ – मणि शर्मा
“हरिया !ओ हरिया ! जरा चाय दे जा”,दरवाजे से अखबार उठाते हुए सोमनाथ जी ने आवाज दी.आँगन में पड़ी मेज पर मोटी धूल जमी थी. जाने क्यों उन्हें लगा जैसे कि सुमित्रा गुस्सा हो कर कह रही है, “कभी कुछ काम कर लिया करो ,कितनी धूल हो रही है.”सोमनाथ जी ने अखबार से ही धूल … Read more
एक शिक्षिका के मर्डर की कहानी – सुषमा यादव
,,, मैं जब छिंदवाड़ा से ट्रान्सफर होकर इस नए शहर में आई,तो कुछ दिन वहां के स्कूल के स्टाफ की , लोगों की और उस बेहतरीन शहर की यादों में उदास रही,,पर धीरे धीरे वहां के लोगों में जल्दी ही घुल मिल गई,, ,, हमारे स्कूल में सभी लोग बहुत अच्छे थे,, उनमें से एक … Read more
अपना पराया – बेला पुनेवाला
हां, तो दोस्तों, आज मैं आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रही हूँ, जिसने अपने बेटी और बेटों में फ़र्क ना किया, लोगो की बातों को अनदेखा कर अपनी बेटी को भी वही हक़ दिए, जो एक बेटे को मिलते है, अब आगे… एक गांँव में किशोरीलाल का परिवार रहता था, जो गांँव के बड़े … Read more
देवरानी जेठानी – पूजा मनोज अग्रवाल
करीब बारह साल पहले मेघा ब्याह कर अपने ससुराल आई,,,आते ही उसने अपने सदव्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों कोअपना बना लिया था । मेघा की शादी के अगले ही वर्ष उसके देवर की शादी भी हो गई , घर में नई बहु सुरीली का आगमन हुआ , सुरीली भी अपनी जेठानी के जैसी गुणवान … Read more