दीप फिर जल उठे – विजया डालमिया
“मम्मी इसमें से पापा की खुशबू आ रही है” जैसे ही परी ने विवेक की आलमारी खोलते हुए यह बात कही, मेरी रुलाई फूट पड़ी और मैंने उससे लिपटकर जोर जोर से रोना शुरू कर दिया। जिसे देखकर वह घबरा गई। कहने लगी….” मम्मा आपको क्या हुआ? मत रोओ ना। प्लीज, मम्मा प्लीज”। 6 साल … Read more