अपने और पराये का एहसास – पूजा अरोरा
संडे का दिन था सब सुबह देर तक सोए हुए थे। तभी अचानक से दरवाजे की बेल बजी। ममता जी ने दरवाज़ा खोला तो देखा दरवाजे पर उसकी बेटी मोहिनी खड़ी थी| हाथ में सूटकेस और दोनों बच्चों के साथ, इतने में मोहिनी के पापा विनोद जी की आवाज़ आयी, “ममता जी कौन आया … Read more