इंतज़ार – लखविंदर सिंह संधू
“सर ये शर्मा जी हैं यह आपके साथ ही इस कमरे में बैठेंगे” मेरे दफ्तर का चपड़ासी एक आदमी जिनको वो शर्मा जी कह रहा था के साथ सामने खड़ा था । मैंने पूरे अदब से उनका वेलकम किया । “आप तो कल आने वाले थे मैंने आपके ऑर्डर देखे थे ” मैंने शर्मा जी … Read more