व्यक्ति की असलियत

एक आदमी नौकरी मांगने के लिए आया. उससे उसकी काबिलियत पूछी तो बोला, मैं आदमी हो चाहे जानवर,शक्ल देखकर उसके   बारे में बता सकता हूं. राजा ने उसे अपने खास घोड़ों के अस्तबल का प्रभारी बना दिया. कुछ ही दिन बाद राजा ने उससे अपने सबसे महंगे  और मनपसंद घोड़े के बारे में पूछा … Read more

जैसे को तैसा

एक वृद्ध ट्रेन में सफर कर रहा था, संयोग से वह कोच खाली था। तभी 8-10 लड़के उस कोच में आये और बैठ कर मस्ती करने लगे। एक ने कहा – “चलो, जंजीर खीचते है”. दूसरे ने कहा – “यहां लिखा है 500 रु जुर्माना ओर 6 माह की कैद.” तीसरे ने कहा – “इतने … Read more

यदि आपके पास महाभारत ग्रंथ पढ़ने का समय न हो तो भी इसका सार 9 सूत्रों को जानकर अवश्य ही समझ लें

*संतानों की गलत माँग और हठ पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया, तो अंत में आप असहाय हो जायेंगे = कौरव* *आप भले ही कितने भी बलवान हों लेकिन अधर्म के साथ हैं, तो आपकी विद्या, अस्त्र – शस्त्र, शक्ति और वरदान सब निष्फल हो जायेगा = कर्ण* *संतानों को इतना महत्वाकांक्षी मत बना दें … Read more

बड़े सोच से ही बड़ा सपना पूरा हो सकता है 

जब भी हम बड़े सपने और सक्सेस बड़े सोच की बात करते हैं, “हमारे दिमाग में बात आती है, – ‘मेरे हालात नहीं है बड़ा सोचने के. लालच बुरी बला दिक्षा वैदकर है, कग में ही खुश रहो. लोग क्या कहेंगे…’ दोस्तों, बचपन में आर्ट क्लास में इस्तेमाल होनेवाली आर्ट बुक तो आपको याद ही … Read more

मोह

__”तुम माँ के पेट में थे नौ महीने तक, कोई दुकान तो चलाते नहीं थे, फिर भी जिए। हाथ-पैर भी न थे कि भोजन कर लो, फिर भी जिए। श्वास लेने का भी उपाय न था, फिर भी जिए। नौ महीने माँ के पेट में तुम थे, कैसे जिए? तुम्हारी मर्जी क्या थी? किसकी मर्जी … Read more

कर्म पीछा नहीं छोड़ते

 एक सेठ जी ने अपने मैनेजर को जरा सी बात पर इतना डांटा— कि मैनेजर को बहुत गुस्सा आया , पर सेठ जी को कुछ बोल ना सका–| वह अपना गुस्सा किस पर निकाले– वो गया सीधा अपने कंपनी स्टाफ के पास और सारा गुस्सा कर्मचारियों पर निकाल दिया। अब कर्मचारी किस पर अपना गुस्सा … Read more

रखा बहार आई —- डा.मधु आंधीवाल

——————– आज तो लगता है इन्द्र देवता ने पूरा पानी का टैंकर ही आसमान में खाली कर दिया है। रोनित  खिड़की से बाहर का नजारा देख कर खुशी से चीखा पायल देखो ना क्या मस्त बारिश है। पायल पास आकर बोली रोनित शहर में ये नजारा कहां देखने को मिलता था । रोनित एक सिविल … Read more

सच्चाई का आईना – गुरविंदर टुटेजा

अप्रकाशित     संजना आज शाम को तैयार रहना..डॉ० अभिमन्यु के हॉस्पिटल का उदघाट्न है…नीरज ने आफिस के लिये निकलते हुये बोला…!!!!    संजना शाम को समय से तैयार हो गयी थी…नीरज आया और दोनो निकल गयें…रास्तें में बात करते हुये नीरज ने बताया बहुत बड़े मंत्री आ रहें है उदघाट्न करने के लिये…!!!!    दोनों पहुँच गयें थे…अभिमन्यु … Read more

 ” रक्षाबंधन” – गोमती सिंह

——सुबह के 8:00 बज रहे थे पावन महीना सावन फिर पूर्णमासी का दिन था मां सुबह 6:00 बजे भोर से ही    उठ कर नहा धोकर अपने बच्चों के लिए खीर पूरी बना रही थी दोनों लड़कियां भी उठकर नहा धोकर तंग  तैयार हो गई थी। अपने दोनों छोटे छोटे भाइयों को बड़े प्यार से … Read more

 बहन की राखी – पूजा अरोड़ा

“इस बार  सुषमा बहन की राखी नहीं आई। ईश्वर करे सब ठीक-ठाक हो।” बिस्तर पर पड़े हुए सुखदेव बोला। उम्र कोई अस्सी साल । कमजोर शरीर। जर्जर काया मानो बुढ़ापे का एक-एक दिन बस काट रहे हो.. “दादा जी!  क्या हो गया जो आपकी बहन सुषमा की राखी नहीं आई । आपको तो उनसे मिले … Read more

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