लौटकर आऊंगा – प्रियंका त्रिपाठी ‘पांडेय’
“छुटकी राखी की थाली सजाकर डेहरी पर बैठ भाई के आने का इंतजार कर रही थी। इंतजार करते-करते बचपन की यादों मे खो गई…” “छुटकी नीचे उतर तुझे मना किया है ना पेड़ पर मत चढ़ा कर।” “उतर रही हूं भैया।” “भैया तुम मुझे पेड़ पर चढ़ने से क्यों मना करते हो? जबकि तुम तो … Read more