बेटी क्या औलाद नहीं-Mukesh Kumar

रूबी की शादी बड़ी धूमधाम से हुई.  अगले दिन वह अपने ससुराल पहुंची ससुराल पहुंचने पर उसका स्वागत उसके सास ने बहुत ही प्यार से किया ससुराल में उसका मान जान कुछ ज्यादा ही हो रहा था क्योंकि वह अपने सास की इकलौती बहू थी क्योंकि उसके पति मनोज का कोई भाई नहीं था। रूबी … Read more

बहू ये तुम्हारा कंगला पीहर नहीं संपन्न ससुराल है – संगीता अग्रवाल

रविवार की सुबह सरगम अपने बालकनी में खड़ी थी क्योंकि आज  पति की छुट्टी रहती हैं इसलिए नाश्ता तैयार  नहीं करना होता है.  आराम से बालकनी में खड़े होकर ठंडी ठंडी हवा का लुत्फ ले रही थी.  तभी उसकी नजर नीचे गली में पड़ी शर्मा जी अपनी बेटी से कह रहे थे, “नहीं बेटा क्यों … Read more

“आत्मसम्मान” – भावना ठाकर 

अस्पताल में अफ़रा-तफ़री मच गई, एक्सिडेंट में बहुत बुरी तरह ज़ख़्मी कोई पेशन्ट आया था। दीप्ति ने देखा वो पेशन्ट शशांक था, जिससे दीप्ति कभी बेइन्तहाँ प्यार करती थी। अपनी जान से ज़्यादा चाहती थी। बेशक शशांक को इस हालत में देखकर दीप्ति का दिल चर्रा उठा, पर लहू-लुहान पूरी तरह से ज़ख़्मी शशांक के … Read more

एक सैनिक का जीवन आसान नहीं होता!! – मनीषा भरतीया

छत्तीसगढ़ गांव में संदीप नाम का लड़का रहता था…,उसके माता-पिता बहुत ही गरीब थे…. किसी तरह से ही वह अपने बेटे को शिक्षा दीक्षा दिला रहे थे…. बहुत कष्ट उठाकर और मजदूरी करके किसी तरह उन्होंने अपने बेटे को 12वीं तक की तो पढ़ाई करवा दी लेकिन अब उनकी हिम्मत जवाब दे चुकी थी…. लेकिन … Read more

श्रापित औरत – मनीषा भरतीया

चार दोस्त बाई कार  डुवर्स जा रहे थे….. चारों में से बदल बदल कर कभी कोई तो कभी कोई ड्राइव कर रहा था…. क्योंकि सफर 10 से 12 घंटे का था…. इसलिए उन्होंने पेट्रोल की टंकी फुल करवा ली थी और पानी की 2 लीटर की 4 बोतलें भी रख ली थी…. क्योंकि जब उन … Read more

 वो सुनसान रात – आरती झा”आद्या”

आरुषि और वैभव की नई नई शादी हुई थी। एक दूसरे के माता पिता की पसंद थे दोनों। शादी से पहले एक-दूसरे को ना ही तो दोनों ने देखा था और ना ही बात की थी कभी। बहुत धूमधाम से शादी की रस्में सम्पन्न हुई और गठजोड़ के साथ ही दोनों जन्म जन्मांतर के साथी … Read more

वो आंसू भरी मुस्कान… ऋतु गुप्ता

वंदना सुबह से ही जल्दी-जल्दी काम में लगी थी, आज दुर्गा नवमी है और उसे घर की साफ सफाई के साथ-साथ  कन्या पूजन और कन्याओं के प्रसाद व भोजन की  भी व्यवस्था जो करनी है। वो अपने पति अजय से कहती है कि सुनिए  आप भी जरा जल्दी तैयार हो जाइए,हमें चामुंडा मां के मंदिर … Read more

 लेखा – जोखा  – डा उर्मिला सिन्हा

      पूरी महिला मण्डली में कोहराम मचा हुआ था,”मेरा मायका बड़ा “!    ” तो मेरा मायका उससे भी बड़ा “!   “मेरे भ‌ईया ने राखी पर झुमके दिलवाए “। “तो मेरे छोटे भाई ने कंगन”!, कोई रंग-बिरंगी सिल्क, बनारसी,बंधेज,छापेदार साड़ियों का तह खोलकर प्रर्दशन कर रही थी ।  तो कोई मन ही मन कुढ़ रही थी,”इतना कमाता … Read more

आखिरी मुलाक़ात – ममता गुप्ता

 मैं (रोहित)अपने घर की बाल्कनी में गर्मागर्म चाय के साथ बैठा था , रिमझिम बारिश की बौछार में बच्चो को देख अपना बचपन सोच के मुस्कुरा रहा था ।  मेरे जीवन मे ये बारिश की बौछार का अपना ही महत्व था , बच्चो को बारिश में भीगता देख  बारिश की पहली मुलाकात याद आ गयी … Read more

“उस रात का राज़” – कविता भड़ाना

राधा काकी आज बहुत खुश हैं,और हो भी क्यों नहीं,अभी थोड़ी देर पहले पड़ोस के गांव से वहा के जमींदार “राजबहादुर”के एकलौते बेटे के विवाह में विशेष रूप से ढोलक बजाने और मंगलगीत गाने का न्यौता जो मिला है, राधा काकी बेचारी बेऔलाद है और अभी कुछ सालो पहले पति के गुजर जाने से अकेली … Read more

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