उपेक्षा – मुकुन्द लाल
भरत अपने ममेरे भाई की शादी में ननिहाल आया हुआ था। मामा के अन्य रिश्तेदारों का रहन-सहन और आकर्षक डिजाइन के महंँगे लिवास के सामने वह अपने पोशाक को तुच्छ महसूस करने लगा। उसके पास स्वेटर, मफलर के साथ मात्र दो सेट मामूली कपड़े थे। प्रारम्भ में उसके मामा रमाशंकर ने हाल-सामाचार पूछने की औपचारिकता … Read more