हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की” – अनुज सारस्वत
घर में जन्माष्टमी की तैयारी चल रही थी ,फल खीरे ,कूटू का आटा, सिंगाड़ी का आटा, मूंगफली दाना घर में आ चुके थे, सुशीला और उसकी 16 वर्षीय बेटी अनु विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने में व्यस्त थी, जैसे गोले की पंजीरी ,चोलाई की पंजीरी, मावे की पंजीरी, सूखे मेवे की पंजीरी और धनिया का … Read more