“एक रिश्ता टूटा हुआ” – भावना ठाकर ‘भावु’
ओस धुली अलसाई सुबह में विंड चाइम की मधुर घंटीयों की सरगम ने मेरी बोझिल पलकों पर दस्तक दी, कोहरे की भीनी खुशबू से सराबोर होते एक झोंका आया खिड़की खोलकर सूरज की पहली रश्मि के संग, हौले से टकोर दी कुछ कड़वी यादों भरी ढ़ेर सारी सुबह की और में चली गई अतीत की … Read more