अहंकार – विनोद प्रसाद
कौशल कुमार जी भारतीय रेल सेवा में अधिकारी पद पर कार्यरत थे। उनके हर क्रिया-कलाप में अधिकारीपन की बू आती थी। अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ उनका व्यवहार रूखा रहता था। उन्हें लगता था कि रौब और भय के द्वारा ही कर्मचारियों से काम लिया जा सकता है। उनके इस व्यवहार से अधीनस्थ कर्मचारियों में हमेशा … Read more