मैं तुम्हें तुम्हारा हक लौटना चाहता हूँ – संगीता अग्रवाल
“बिंदिया तुम यहाँ ” अचानक दीपेश की आवाज़ सुन बिंदिया रुक गई. ” हम्म् मैं यहाँ एक पार्लर चलाती हूँ, पर तुम यहाँ कैसे? “ ” मैं ऑफिस के काम से आया था.. पर तुम्हें यहाँ आने की क्या जरूरत पड़ी और पार्लर का काम कब सीखा? “ “जरूरत सब सिखा देती है दीपेश खैर … Read more