मुहब्ब्त – आरती झा”आद्या”
हैलो.. मोबाइल पर पापा फ्लैश होता देख अभिनव बोलता है। क्या.. कब.. कैसे.. अभी आता हूँ मैं.. किस हॉस्पिटल में हैं.. अभिनव बोलता हुआ लगभग दौड़ता हुआ अपने बॉस की कैबिन में पहुँचता है। सर मेरी माँ का एक्सीडेंट हो गया है.. मैं हॉस्पिटल के निकल रहा हूँ… बदहवास सा अभिनव बॉस को सूचित करता … Read more